अंबाला। किसान आंदोलन में लगी 30 बसों में करीब 10 बसें डिपो में पहुंच गई हैं। जोकि अंब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मार्गों पर चलाई जाएगी।
सोमवार को इस संबंध में विभाग की ओर से निर्देश जारी किए जाएंगे। प्राप्त जानकारी अनुसार यात्रियों को आ रही परेशानी को देखते हुए बसों को वापस बुलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मंत्रणा की थी।
इन बसों के आने अंबाला से बराड़ा, अंबाला से साढौरा, अंबाला से नारायणगढ़ की तरफ आवागमन करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इन्ही मार्गों से काफी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और आमजन अपने कार्यों के लिए सिटी और कैंट की ओर आवागमन करते हैं।
बसों की कमी से हो रही परेशानी
किसान आंदोलन के कारण 30 बसों को शंभू सीमा अंबाला की साइड लगाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि इस दौरान 140 बसों का अंबाला डिपो की ओर से और नारायणगढ़ सब डिपो की और से 47 बसों का संचालन किया जा रहा था। बावजूद इसके दूसरे राज्यों की ओर जाने वाली बसों की कमी के चलते यात्री परेशान थे।
अभी बंद हैं ये मार्ग
किसान आंदोलन के चलते 23 दिन बाद भी पंजाब, हिमाचल व जम्मू जाने वाली बसों का संचालन नहीं हो पाया है। ऐसे में यात्री रेलगाड़ियों से सफर करने को मजबूर हैं, लेकिन ऐसे में उन यात्रियों के लिए काफी दिक्कत है। जिन्हें बीच रास्ते के छोटे स्टेशनों पर उतरना पड़ रहा है। मौजूदा हालात देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी उक्त मार्गों पर बसों का संचालन करना अंबाला डिपो के लिए एक बड़ी चुनौती है।
वर्जन
किसान आंदोलन में लगी कुछ बसें डिपो में वापस आई हैं, जोकि अब उन मार्गों पर चलाई जाएगी। जहां यात्रियों की अधिक भीड़ रहती है।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।