किसान आंदोलन के चलते राजपुरा और पटियाला जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को प्रशासन की ओर से बंद किया गया है। इसका खामियाजा मनिहारी और सजावट के सामान की मार्केट के दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। दशमेश और न्यू शालीमार मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि रास्ते बंद होने से उनका व्यापार 70 फीसदी तक घट गया है।
इसके लिए पिछले माह दशमेश मार्केट के प्रधान लक्की जुनेजा ने डीसी को रास्ता खोलने के लिए पत्र भी लिखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रधान लक्की जुनेजा का कहना है कि पंजाब की सीमा बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर अंबाला तक पहुंचना पड़ता है। इससे हिमाचल और पंजाब से आने वाले ग्राहक भी घट गए हैं।
दुकानदारों की मांग है कि पंजाब की ओर जाने वाले रास्तों को जल्द से जल्द खोला जाए। जिससे उनका व्यापार पहले की तरह पटरी पर लौट सके। यहां तक कि शादी में पहने जाने वाली चूड़ियां भी यहां पर काफी बड़ी मात्रा में बिकती हैं। अब यह दुकानें भी खाली नजर आ रही हैं। कष्ट निवारण समिति के पूर्व सदस्य राम रत्न गर्ग ने कहा कि सरकार को दोनों पक्षों की बात सुनते हुए किसानों के साथ बातचीत कर इसका हल निकालना चाहिए। जिससे दुकानदारों को राहत मिल सके।
ग्रामीण ग्राहक घटे : कृष्ण
दुकानदार कृष्ण गंभीर ने कहा कि राजपुरा की ओर जाने वाले राजमार्ग के बंद होने से अंबाला पंजाब सीमा के निकटवर्ती गांव से आने वाले 70 प्रतिशत ग्राहक घट चुके है। वे दूसरे शहरों में बाजारों की ओर रुख कर रहे है।
खर्च निकालना भी मुश्किल : अनिल
दुकानदार अनिल अग्रवाल ने बताया कि ग्राहकों की कमी के कारण आमदनी भी घट गई है। इससे उन्हें दुकानों के आधारभूत खर्चे निकालने में भी मुश्किल हो गए हैं।
दोपहर तक नहीं हो रही बिक्री : हरीश
फैंसी पर्स का व्यापार करने वाले दुकानदार हरीश गोयल ने कहा कि बाजार के सूनेपन से दोपहर तक भी बोहनी नहीं होती। कई बार तो शाम तक बोनी का इंतजार करना पड़ता है।
नहीं दे रहे नए आर्डर : गुलशन
दुकानदार गुलशन कुमार ने बताया कि वे सजावट के सामान का व्यापार करते है। ग्राहकों में कमी को देखते हुए उन्होंने नया सामान का आर्डर देना भी बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां पहले ट्रेन से ग्राहक आ रहे थे, अब ट्रेनों को भी रोक दिया गया है। इससे और भी काम प्रभावित हो गया है।