अंबाला। अंबाला से यातायात का दबाव कम करने के लिए छह लेन रिंग रोड बनाया जा रहा है। इसके दूसरे फेज के निर्माण का कुछ समय पहले ही केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुभारंभ किया था।
अब हरियाणा सरकार से दरकार
अब इस प्रोजेक्ट को हरियाणा सरकार से फंड की दरकार है। लगभग छह माह पहले राज्य सरकार से इस प्रोजेक्ट के लिए 100 करोड़ रुपये मिले थे। इसके बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस संबंध में राज्य सरकार को पत्राचार कर चुका है। इसके साथ ही बैठक भी की जा चुकी है। मगर अभी तक फंड नहीं उपलब्ध हुआ। ऐसे में अब यह काम अधर में अटका लग रहा है। हालांकि अधिकारी इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं बता रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी बैठक हो चुकी है, जल्द ही हरियाणा सरकार की तरफ से फंड जारी कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ करनाल में रिंग रोड का काम अगले महीने एनएचएआई शुरू कर सकती है। इसके लिए कागजी कार्रवाई चल रही है। सब कुछ ठीक रहा तो उम्मीद है कि अंबाला रिंग रोड और करनाल रिंग रोड का काम एक साथ अगले महीने शुरू हो सकता है।
पहले फेस में 18, दूसरे में 22 किलोमीटर बनेगा
दरअसल अंबाला 40 किलोमीटर के सिक्स लेन रिंग रोड की पूरी लागत 1100 करोड़ रुपये की है। जिसमें से भूमि अधिग्रहण पर करीब 686 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें दाे फेज में बनाया जाना है। इसमें पहला फेज 18 किलोमीटर है जिस पर काम शुरू हो चुका है। वहीं 22 किलोमीटर के दूसरे फेज पर काम शुरू होना बाकी है। इसमें एनएचएआई हरियाणा सरकार से फंड आने का इंतजार कर रहा है।
केंद्र और प्रदेश सरकार करेंगे बराबर खर्च
इस रिंग रोड को केंद्र और हरियाणा दोनों 50-50 फीसद का खर्चा उठाकर इसका निर्माण करा रहे हैं। जिसमें केन्द्र ने तो अपना शेयर दे दिया मगर हरियाणा का अपना शेयर लगभग 245 करोड़ रुपये आना बाकी है। अब यह कब तक आएगा इस पर भी अभी हाल फिलहाल स्थिति स्पष्ट होती नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए गृहमंत्री अनिल विज खुद भी काफी प्रयासरत हैं, जिससे कि जल्द से जल्द फंड आए और काम तेजी से आगे बढ़े।
अंबाला में बाईपास का काम करेगी रिंग रोड
40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अंबाला में बाईपास की तरह काम करेगा। वाहन चालक शहर में दाखिल हुए बिना ही रिंग रोड के जरिये बाहर निकल पाएंगे और इससे शहर में वाहनों का दबाव भी कम होगा। यह रिंग रोड छह प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ने का भी काम करेगा। जगाधरी से आने वाले वाहन शहर में आए बिना चंडीगढ़ रोड पर और लुधियाना जाने के लिए जीटी रोड पर निकल जाएंगे। इसी तरह हिसार जाना है तो रिंग रोड से वह सीधे हिसार रोड पर जा सकते हैं। अभी रिंग रोड फोरलेन बनेगी, मगर जमीन सिक्स लेन के बराबर ली है, जिससे कि यदि भविष्य में रोड का विस्तार करना है तो दिक्कत न आए।
अंबाला रिंग रोड परियोजना के खास बिंदु
रिंग रोड पर दो बड़े पुल टांगरी नदी पर दो स्थानों पर बनेंगे।
रिंग रोड पर दो छोटे पुल बनेंगे।
रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज रोड बनेंगे और तीन फ्लाईओवर बनेंगे।
कुल 30 गांव की 655 एकड़ जमीन रोड निर्माण के लिए अधिगृहीत। इसमें तीन गांव पंजाब के।
रिंग रोड छह हाईवे को आपस में लिंक करेगी।