नारायणगढ़। स्थानीय अदालत ने मारपीट के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाने के बजाय सुधारात्मक कदम उठाया है। इस मामले के तीन दोषियों को प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है। सब डिवीजनल जुडीशियल मजिस्ट्रेट चेतेश गुप्ता की अदालत ने नितिन गर्ग, रोहित और गुरजीत सिंह को रिहा करने के आदेश दिए हैं, इसके साथ ही एक शर्त भी लगाई है कि 30-30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छह महीने तक शांति और सद्भाव बनाए रखना अनिवार्य होगा।
यह था मामला
मामला साल 2017 का है। इसमें दोषियों पर मारपीट के आरोप थे। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोषियों ने शिकायतकर्ता पर कुल छह हमले किए थे, इनमें से दो के सिर में गंभीर चोट मारी गई थीं। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता और पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए अदालत ने सजा के बजाय प्रोबेशन का विकल्प चुना।
मानवीय पहलुओं का रखा ध्यान
अदालत ने अपने फैसले में कई मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखा। आरोपी और शिकायतकर्ता आपस में चचेरे भाई हैं। आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं है और वे अपने परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। शिकायतकर्ता ने खुद अदालत में बयान दिया कि यदि आरोपियों को प्रोबेशन पर छोड़ा जाता है, तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने माना कि आरोपी अभी युवा हैं और उन्हें सुधरने का एक मौका मिलना चाहिए। प्रोबेशन एक्ट की धारा 5 के तहत, अदालत ने तीनों आरोपियों को आदेश दिया कि वे पीड़ित को लगी चोट के मुआवजे के रूप में 5-5 हजार रुपये अदा करेंगे।