अंबाला। शेड्यूल एच-1 के तहत आने वाली दवाओं की बिक्री को लेकर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। इसमें हालांकि दवा निर्माताओं को थोड़ी राहत (शर्तों के साथ) दी है, वहीं रिटेलरों पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। मालूम हो कि सरकार ने अगस्त, 2013 को जारी की गई नोटिफिकेशन में शेड्यूल एच-1 के तहत करीब चालीस दवाओं की बिक्री पर सख्ती के निर्देश दिए थे। इसके तहत रिटेलरों को उन सभी मरीजों, दवाओं व डॉक्टरों का रिकार्ड रखने के लिए कहा गया, जो इन दवाओं की प्रिस्क्रिप्शन दे रहे हैं और मरीज उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए मरीज का नाम-पता व डॉक्टर का नाम तथा उसका रजिस्ट्रेशन नंबर व पता नोट करना होगा लेकिन इस नोटिफिकेशन को लेकर दवा निर्माताओं व अन्य ने सरकार के सामने पक्ष रखा, जिसमें कुछ परेशानियां बताई गईं। इसी को लेकर फिलहाल दवा निर्माताओं को थोड़ी राहत दी गई है।
सूत्रों के अनुसार सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार दवा निर्माताओं को थोड़ी राहत दी गई है, लेकिन इनमें भी शर्तों को लागू किया गया है। शेड्यूल एच-1 के तहत आने वाली दवाओं का निर्माण जो फार्मा कंपनी कर रही है, उसके द्वारा 28 फरवरी तक बनी दवाओं को मार्केट में बेचा जा सकता है, जबकि इसके बाद बनने वाली दवाओं पर उक्त नोटिफिकेशन के तहत दिए गए निर्देशों पर अमल करना होगा। लेकिन उक्त स्थिति में बिकने वाली दवाओं का रिकार्ड रिटेलरों यानी केमिस्टों को रखना होगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि 1 मार्च से जो भी दवा निर्माता कंपनी दवा बना रही है, उसे इस नोटिफिकेशन के आधार पर लेबलिंग को लेकर सारे नियम मानने होंगे, नहीं तो उन पर कार्रवाई होगी। इसी को लेकर उक्त आर्गनाइजेशन ने मैन्युफैक्चरिंग, एसोसिएशन, आल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन सभी जिलों व यूटी के ड्रग कंट्रोलरों का पत्र भेजा है।
वर्जन
‘शेड्यूल एच-1 को लेकर नोटिफिकेशन पर पूरी तरह से अमल किया जा रहा है जिस आर्गनाइजेशन ने यह लेटर जारी किया है, उसकी कापी अभी नहीं मिली है, फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही कि यह नोटिफिकेशन पूरी तरह से लागू हो।’
रिपन मेहता, सीनियर ड्रग कंट्रोलर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन