फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मृतक के नाम से हो रही थी रजिस्ट्री, आधार कार्ड में बदली थी फोटो

विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील कार्यालय में वीरवार को मृतक के नाम पर बेशकीमती मकान की फर्जी रजिस्ट्री का प्रयास किया गया। इसके लिए फाइल तैयार कर ली गई थी, जिसमें आधार कार्ड में फोटो बदली हुई थी, ताकि मृतक के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर रजिस्ट्री कराया जा सके। इस दौरान डीड राइटर को फर्जीवाड़े का अंदेशा हुआ। उसने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद तहसीलदार ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से रजिस्ट्री के लिए कार्यालय में बुलाया। काफी इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। बताया जा रहा है कि सूचना लीक होने के कारण ठग सचेत हो गया और पकड़े जाने से पहले ही रफूचक्कर हो गया।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार जिले में फर्जी रजिस्ट्री कराने वाला गिरोह सक्रिय है। इसमें तहसील कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों से लेकर स्टांप देने और रजिस्ट्री लिखने वाले तक शामिल हैं। यही कारण है कि उक्त मामले में न केवल मकान की रजिस्ट्री के सभी दस्तावेज तैयार हो गए थे, बल्कि कच्ची रजिस्ट्री की फाइल तैयार होकर अप्वाइंटमेंट के लिए भी पहुंच गई थी। यही नहीं मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी को तुरंत इसकी भनक लग गई, जिससे वह फरार हो गया। इस मामले को लेकर तहसीलदार ने संबंधित विभागीय कर्मचारियों की क्लास ली। 2 घंटे चली बैठक में तहसीलदार ने सभी को सख्त निर्देश दिए कि रजिस्ट्री प्रक्रिया से पहले सभी असली दस्तावेज देखे जाएं। अगर कहीं भी कुछ गलत नजर आए या शक है तो तुरंत इसकी जानकारी उन्हें दें। गलत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के अनुसार प्रापर्टी डीलर और कुछ ठग ऐसे मकान और प्लाट की रेकी कर सूची तैयार करते हैं, जिनके मालिक विदेश में रह रहे हों या फिर उनकी मौत हो चुकी है। लिस्ट तैयार होने के बाद तहसील कार्यालय में सेटिंग का खेल खेला जाता है और योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रजिस्ट्रियां तैयार की जाती हैं।
विज्ञापन

--------------------------------------------
नारायणगढ़ में महिला सहित 3 पर दर्ज हुआ था मामला
नारायणगढ़ में करीब 27 एकड़ जमीन की इसी तरह से फर्जी रजिस्ट्री करवाई जा रही थी। खंड के गांव गदौली में लुधियाना निवासी संध्या कुमारी की यह जमीन थी। आरोपियों ने नकली संध्या को कोर्ट में बुलाकर जमीन के इकरारनामे की तमाम तैयारियां पूरी कर ली थी। इकरारनामे के तहत 30 लाख रुपये बयाने के तौर पर दिए जाने थे, लेकिन गनीमत रही कि जमीन मालिक संध्या को समय रहते इस खेल की सूचना मिल गई। इस पर संध्या पति के साथ कोर्ट में पहुुंची, जहां फर्जी संध्या व 3 अन्य व्यक्ति मौजूद थे। जब असली संध्या ने फर्जी महिला से नाम पूछा तो महिला ने अपनी पहचान संध्या के तौर पर बताई। इस मामले में पुलिस ने फर्जी महिला दर्शना निवासी मुन्नहेड़ी, सौदा करवाने वाले सोमनाथ और शीशम यमुनानगर निवासी को गिरफ्तार कर लिया था।
----------------------------------------------
जांच जारी
मामला संज्ञान में आया है। मृतक के नाम से मकान की रजिस्ट्री कराने की कोशिश की गई थी। आरोपी को पकड़ने के लिए कई बार अनाउंसमेंट भी करवाई गई। शायद उसे इसकी जानकारी मिल गई थी, इसलिए वह चौकस हो गया और नहीं आया। मामले की जांच की जा रही है। कौन-कौन व्यक्ति इसमें शामिल हैं और किस व्यक्ति ने दस्तावेज तैयार किए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस की मदद ली जाएगी।
विज्ञापन

सुरेश कुमार, तहसीलदार छावनी।
--------------
मैंने जब फाइल देखी तो मुझे पता चल गया कि जिसके नाम से रजिस्ट्री करवाई जा रही है वह तो मर चुका है। क्योंकि मैं उस व्यक्ति और उसके परिवार को जानता था।
कमल किशोर जैन, डीड राइटर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें