अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाई जा रही आभा आईडी के लिए पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह पायलट प्रोजेक्ट मुलाना सीएचसी केंद्र में शुरू किया है।
इसमें मरीजों की आभा आईडी के आधार पर रोजाना 80 से 100 मरीजों पंजीकरण किया जा रहा है। इस पंजीकरण में आभा सॉफ्टवेयर में मरीजों के उपचार की सारी जानकारी अंकित की जा रही है। मुलाना सीएचसी केंद्र को कायाकल्प के तहत वर्ष 2024-2025 के परिणामों में सीएचसी को सबसे बेहतर सीएचसी के लिए प्रदेश स्तर पर अवार्ड दिया गया था।
बड़े संस्थानों में मिलेगा लाभ
आभा आईडी अंकित होने के बाद किसी मरीज को अगर पीजीआई जैसे बड़े संस्थान में उपचार करवाने के लिए जाना पड़े तो उन्हें उपचार के लिए कागजों का ढेर नहीं लेकर जाना पड़ेगा। साॅफ्टवेयर में आभा आईडी अंकित करते ही मरीज की सारी जानकारी चिकित्सक को दिख जाएगी। इससे उपचार में भी आसानी होगी। आभा योजना इसी सुविधा के लिए चलाई है। अभी तक इसका डॉटा सॉफ्टवेयर में नहीं चढ़ाया है।
पांच लाख लोगों को मिलेगा लाभ
प्रदेश में फिलहाल यह प्रोजेक्ट मुलाना सीएचसी में ही चलाया जा रहा है। इसके बाद इसके नतीजों को देखते हुए पूरे प्रदेश में इसे शुरू किया जाएगा। अंबाला जिला में आभा आईडी के तहत करीब पांच लाख लोगों को उपचार की सुविधा मिलेगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत ही आभा आईडी का निर्माण किया जाता है।
वर्जन
हमारी ओर से फिलहाल मुलाना सीएचसी में प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके बाद अन्य जिलों में भी यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट से साफ्टवेयर की कमियां भी सामने आ जाएंगी।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, जिला नोडल अधिकारी, आभा योजना, अंबाला।