अंबाला सिटी। जिला की तहसीलों व उप तहसीलों में मंगलवार को भी कार्य नहीं हो सका। तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के कक्ष खाली दिखाई दिए, हालांकि तहसील में लोग अपने अन्य कार्य करवाने के लिए पहुंचे थे। सरकार की ओर से रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए एसडीएम व डीआरओ की जिम्मेदारी लगाई थी, मगर मौके पर पड़ताल की तो पता चला कि इस प्रकार के कोई निर्देश स्टाफ के पास नहीं आए। वहीं विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिला में 570 से अधिक रजिस्ट्री अटकी हुई हैं, वहीं इंतकाल और लोन से जुड़ी कागजी कार्यवाही की भी एक लंबी सूची है।
वहीं, दूसरी तरफ एसडीएम की लॉगिन आईडी न होने के कारण वह भी मंगलवार को बेबस नजर आए। अब बताया जा रहा है कि तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल खत्म करने को लेकर सहमति बन गई है। बुधवार से लोग विधिवत रूप से राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों को करवाने के लिए तहसील में आ सकते हैं। पांच दिन तक चली तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। बुधवार को तहसील खुलेगी तो एक साथ इतनी रजिस्ट्री व इंतकाल पर कार्यवाही करना विभाग के लिए चुनौती होगा। संवाद
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तहसीलों में भटकते रहे लोग
अंबाला छावनी व अंबाला शहर तहसील में लोग रजिस्ट्री व अन्य कार्यों को लेकर भटकते नजर आए। कर्मचारियों की ओर से भी उनको कोई राहत नहीं मिली। वहीं, पटवारी भी मौके पर नहीं थे। कई लोग तो ऐसे थे, जिनको अपने कार्यों के कारण बाहर जाना था, मगर उनकी भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी और उनको परेशानी झेलनी पड़ी। छावनी के गोबिंद नगर निवासी संत राम ने बताया कि रजिस्ट्री के लिए वह दूसरी बार आए हैं, मगर उनको कोई सही जवाब नहीं मिला।