अंबाला दिल्ली नेशनल हाईवे स्थित आईओसी के पास संदिग्ध परिस्थिति में बाइक सवार युवक घायल हो गया, जिसे पड़ाव पुलिस द्वारा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों प्राथमिक उपचार के बाद घायल की नाजुक हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के दौरान पीड़ित तड़पता रहा, मगर उसे बिना किसी ठोस कारणों से एंबुलेंस में ही अंबाला और चंडीगढ़ के बीच इलाज के लिए भटकना पड़ा। इस तरह गंभीर मरीज की जान से खिलवाड़ होता रहा।
हुआ यूं कि घायल को गंभीर हालत में घायल युवक को अंबाला से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। लेकिन चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में किसी कारणवश युवक को एडमिट नहीं किया गया। उसके बाद एंबुलेंस चालक उसे चंडीगढ़ सेक्टर 32 जीएमसीएच भी ले गया, लेकिन वहां भी उसे एडमिट नहीं किया गया। उसके बाद एंबुलेंस चालक शाम को उसे वापस अंबाला कैंट ले आया। उधर, अंबाला आने के बाद उसकी जेब से निकले आधार कार्ड से युवक की पहचान हो गई। उसकी शिनाख्त घसीटपुर निवासी विक्रम के रूप में हुई।
दूसरी ओर, पड़ाव पुलिस को भी मौके पर बुलवा लिया गया और जबकि परिजनों को भी सूचित कर दिया गया। इलाका पार्षद स्वर्णकौर के पति परमजीत सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
घसीटपुर निवासी 25 वर्षीय विक्रम घर से सुबह सात बजे बाइक पर काम के लिए निकला था। लेकिन उसको आईओसी के पास हाईवे के किनारे बेहोशी की हालत में पया गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पड़ाव पुलिस ने घायल युवक को कैंट सिविल अस्पताल में पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया।
लेकिन किसी कारणवंश उसे पीजीआई व सेक्टर-32 से वापस लौटा दिया गया। अब शाम का फिर से अंबाला कैंट के चिकित्सकों ने परिवार के साथ पीड़ित को फिर से चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। चिकित्सकों का कहना था, पहले वे अकेला था और उसकी पहचान भी नहीं हुई थी।
लेकिन उसके सिर पर गंभीर चोट प्रतीत हो रही है, इसलिए परिजनों के साथ उसे वापस चंडीगढ़ भेजा गया है। कैंट सिविल अस्पताल के ड्यूटी चिकित्सक का कहना है कि मालूम नहीं रेफर करने के बावजूद मरीज को पीजीआई से वापस क्यों भेजा गया? लेकिन उसे अब परिजनों के साथ फिर से रेफर कर दिया है, क्योंकि उसके सिर पर गंभीर इंजरी दिख रही है।