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नाले सफाई के दावे फेल, पानी की निकासी न होने के कारण गलियां बन गई तालाब

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बरसात ने प्रशासन के सभी दावों की हवा निकाल दी। नगर परिषद द्वारा की गई नालों की आधी-अधूरी सफाई ने एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। जलभराव से अधिकांश गलियां तालाब में तब्दील हो गई, वहीं कुछ घरों में पानी घुसने से सामान भी खराब हो गया।
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मानसून आने से पहले हर साल की तरह इस साल भी बारिश के पानी की निकासी के बड़े-बड़े दावे किए गए। कई योजनाओं पर काम भी हुआ। आधी-अधूरी योजनाएं एक बार फिर बारिश के दौरान आमजन के गले की फांस बन गई। शुक्रवार देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक जारी रही। इससे छावनी के निचले इलाकों में पानी भर गया। सबसे ज्यादा परेशानी महेशनगर, दयालबाग, राम नगर, गोबिंद नगर, प्रीत नगर आदि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को झेलनी पड़ी। पानी की निकासी ने होने के कारण कुछ घरों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली, जहां लोगों का कीमती सामान बारिश के पानी से खराब हो गया।
30 साल से देख रहा हूं ऐसे हालात
मेरा जन्म यहीं हुआ है और अब मैं 30 साल का हो गया हूं। कई सरकारें आई और कई गई, लेकिन इस क्षेत्र के हालात नहीं सुधर पाए। एक नाले की सफाई करना नगर परिषद के लिए चैलेंज बन गया है जो बारिश के दिनों में स्थानीय निवासियों के लिए एक मुसीबत बन जाता है।
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अमित, स्थानीय निवासी।
10 मिनट की बारिश से हो जाता है जलभराव
इस क्षेत्र में बेशक सड़कों का निर्माण कर दिया गया है और नालियां भी बनाई गई हैं, लेकिन पानी निकासी का प्रबंध आजतक नहीं हो पाया। नाले की व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर परिषद को उचित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लोगों के घरों में पानी न घुसे और उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
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रवि, स्थानीय निवासी।
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