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Ambala News: राजपूत और गुर्जर समाज आमने-सामने, बचा तनाव

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गांव बधोली में एकत्रित लोग।
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बराड़ा। गांव उपलाना में गुर्जर समाज की ओर से राजा मिहिर भोज की मूर्ति स्थापना पर पैदा तनाव आखिरकार बच गया। एक बार तो राजपूत समाज ने गुर्जर समाज के कार्यक्रम के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी, मगर पुलिस बल की तैनाती और अधिकारियों की ओर से समझाने पर दोनों पक्ष मान गए।
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दरअसल शुक्रवार सुबह से ही पूरे इलाके के राजपूत व गुर्जर समाज के लोगों में भारी तनाव था। जिसके चलते बराड़ा पुलिस के अलावा मुलाना पुलिस भी काफी सक्रिय थी। दरअसल राजपूत समाज के लोगों को भनक लगी थी कि क्षेत्र के उपलाना गांव में भी राजा मिहिर भोज की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। जिसके चलते समाज के लोगों ने शनिवार को बराड़ा में एक बैठक कर इस कार्यक्रम का किसी भी सूरत में विरोध करने की बात कही थी। हालांकि उसे बैठक में राजपूत समाज के नेता विनोद राणा थंबड सक्रिय थे और उनका कहना था कि अगर मूर्ति स्थापना की गई तो बड़ा विवाद हो सकता है। ''
इसी वजह से उन्होंने डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार के अलावा डीसी और आईजी को भी पूरी स्थिति से अवगत करा दिया था। मुलाना थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ शुक्रवार दोपहर से ही उपलाना गांव में डटे थे। सुबह इस गांव में करीब 1000 युवक गुर्जर समाज के इकट्ठा हुए, लेकिन पास के गांव बधोली में हजारों की संख्या में राजपूत समाज का युवा वर्ग भी जमा हो चुका था।
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जैसे ही उपलाना गांव में गुर्जर समाज का कार्यक्रम शुरू हुआ तो पास के गांव में राजपूत समाज के लोगों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन सभी को समझाया और कहा कि यहां मूर्ति स्थापना नहीं होगी जिसके चलते राजपूत समाज के युवा कुछ देर के लिए शांत हो गए लेकिन अचानक गुर्जर समाज के बुजुर्ग लोगों ने बीच में आकर अपने युवाओं को समझाया और कहा कि यहां इस तरह का कोई आयोजन न किया जाए।

डीएसपी ने दोनों पक्षों को समझाया

डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार ने सभी को आश्वासन दिया कि दोनों पक्षों के लोग शांति से काम लें, राजा मिहिर भोज को लेकर जब अदालत का कोई निर्णय आएगा उसके बाद ही अगली रणनीति तय की जा सकती है। उन्होंने गुर्जर समाज के लोगों से शांति की अपील की और विनोद राणा थंबड के नेतृत्व में जमा लोगों को अपने अपने घर वापस जाने का आह्वान किया। विनोद राणा ने कहा कि वह शांति के पक्षधर हैं।
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