दिनभर फसल को अनाज मंडियों के बाहर सुखाते नजर आए, बोले- अब गुणवत्ता खराब होने का डर
2.39 लाख मीट्रिक टन आवक हो चुकी
75,063.08 मीट्रिक टन उठान किया जा चुका
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रविवार को हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों और मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीग गया है। धान में नमी की मात्रा 35 पॉइंट तक पहुंच गई है, जिससे किसान चिंतित हैं। मोहड़ा मंडी के अंदर और बाहर सड़कों पर किसानों को अपना धान सुखाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मौसम की बाधाओं के बावजूद, जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार बनी हुई है।
सोमवार को मंडियों में कुल धान की आवक 2.39 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। इसमें से अभी तक कुल 1.63 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी व निजी खरीद की जा चुकी है। हालांकि, अधिक नमी और खरीद के बाद मंडियों से समय पर उठान न होने के कारण समस्याएं बनी हुई हैं। मंडियों से अब तक 75,063.08 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। किसानों को चिंता है कि यदि धान जल्द नहीं खरीदा गया तो उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है।
कई किसानों ने तिरपाल से अपनी फसल बचाने का प्रयास किया। इसके बावजूद धान में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है। यह नमी खरीद प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। किसानों को अपनी मेहनत की फसल खराब होने का डर सता रहा है। उन्हें जल्द-से-जल्द खरीद और उठान की उम्मीद है।
किसानों का दर्द
किसान रघुवीर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि मंडियों में धान के उठान में तेजी लाई जाए और नमी के नाम पर हो रही परेशानी का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपना धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
किसान श्याम लाल ने बताया कि वह शुक्रवार को अपना धान मंडी में लेकर आए थे। इसके बाद शनिवार को धान सुखाया था लेकिन रविवार को हुई बारिश में उनका धान भीग गया और जो धान बचा है उसमें नमी ज्यादा है, अब दोबारा से वह धान को सुखाने को मजबूर हैं।
रविवार को हुई बारिश में कई किसानों का धान भीगने से नमी ज्यादा आ गई थी। इसके अलावा किसानों ने अगले दिन धूप में धान सुखाया।
नीरज भारद्वाज, सचिव, नई अनाज मंडी अंबाला छावनी।
अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में धान सुखाते श्रमिक। संवाद
अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में धान सुखाते श्रमिक। संवाद