बरसात के बाद खेत में खड़ी गेहूं की फसल।
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बुधवार को हुई बरसात गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। जिन किसानों ने अभी सिंचाई नहीं की थी, उस गेहूं की फसल के लिए यह बरसात लाभदायक होगी। किसान परम सिंह, रामकुमार, शक्ति सिंह और बलराज ने बताया कि बुधवार को हुई बरसात से गेहूं की फसल पर एकाएक हरियाली आ गई है। अब फसल का फुटाव भी अच्छी तरह होगा।
यह मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल है। यदि ऐसा ही रहा तो गेहूं की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल के लिए ठंड व धूप दोनों जरूरी हैं। इस समय ठंड की जरूरत है। कोहरा भी गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होता है। इस विषय पर कृषि विभाग के खंड तकनीकी प्रबंधक ललित शर्मा से बात की गई।
प्रश्न : बुधवार को हुई बरसात फसलों के लिए लाभदायक है या नुकसानदायक।
उत्तर : यह बरसात सभी फसलों के लिए लाभदायक है। इससे फसलों को फायदा ही होगा। यदि बरसात तेज होती है तो सब्जी व दलहन फसलों को नुकसान होने की संभावना है।
प्रश्न : आने वाले मौसम में यदि पाला पड़ता है तो गेहूं की फसल के लिए कैसा रहेगा?
उत्तर : पाला गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होता है। जितनी ज्यादा ठंड होगी, उतना ही गेहूं का उत्पादन अच्छा होगा।
प्रश्न : किन फसलों के लिए पाला नुकसानदेह हो सकता है?
उत्तर : दलहन, आलू, बैंगन और टमाटर इत्यादि सब्जी की फसलों को पाला से नुकसान होने की संभावना है। पाला पड़ने से आलू के पौधों के गल जाने की संभावना रहती है।
प्रश्न : अभी कुछ दिन पहले जो पाला पड़ा है, क्या उससे फसलों में नुकसान की कोई संभावना है?
उत्तर : पाला से अब तक किसी फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली है।
प्रश्न : फसलों को पाला के प्रकोप से कैसे बचाया जा सकता है?
उत्तर : पाला से बचाव के लिए किसानों को हल्की सिंचाई करनी चाहिए। वहीं यथा संभव खेतों में सब्जी व दलहन के छोटे पौधों के पास पराली लगा सकते हैं। इससे पाला का असर फसलों पर काफी कम पड़ेगा और फसल को नुकसान होने से बचाया जा सकता है। यदि जमीन की मिट्टी रेतीली है, तो करीब 10 से 12 दिन में और चिकनी मिट्टी है तो करीब 15 से 20 दिन में जरूरत के अनुसार सिंचाई कर सकते हैं।