अंबाला। स्टाफ रोड पर 41.52 करोड़ की लागत से बना छावनी का उपमंडल भवन चार साल में ही जवाब दे गया है। तेज हवा और बारिश के दौरान भवन की दीवारों पर लगे भारी-भरकम पत्थर गिर गए। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
पत्थर गिरने से वहां लगा फायर सेफ्टी होज बॉक्स क्षतिग्रस्त हो गया और पास रखे करीब आधा दर्जन गमले चकनाचूर हो गए। इस घटना के बाद भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इस भवन में दीवारों की हालात काफी खराब है। कई जगह से टाइल व सीवरेज के ढक्कन तक गायब हो गए हैं। वहीं सीढि़यों से मार्बल भी टूट चुकी है। इस भवन में 20 से अधिक विभाग के कार्यालय हैं।
चार साल पहले बनकर तैयार हुए इस आधुनिक भवन की ऐसी हालत ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवन में काम करने वाले कर्मचारी भी अब दबी जुबान में भवन की गुणवत्ता पर बात करने लगे हैं। वहीं अपने काम के लिए आने वाले कच्चा बाजार से दुकानदार हरीश अरोड़ा, पक्की सराय से सूरज व दलीपगढ़ से कर्मवीर ने बताया कि पत्थरों का गिरना खतरनाक है क्योंकि इस परिसर में रोजाना सैकड़ों लोग अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं। पीडब्ल्यूडी की इस भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी है। इससे पहले यहां की सफाई व्यवस्था से लेकर शौचालयों तक की हालत खराब है।
अंबाला छावनी में उपमंडल भवन की दीवार से गिरे पत्थर। संवाद