(अंबाला) बराड़ा। मानसून की पहली बारिश से अंबाला तर बतर हो गया। 40.03 एमएम बारिश से जहां खेत पानी से लबालब भर गए वहीं शहर की सड़कें भी जलमग्न नजर आईं। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल गयी। तापमान में 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। उधर किसानों के चेहरों पर खुशी नजर आई। धान की रोपाई के लिए किसानों ने खेतों में तोड़तोड़ से काम शुरू कर दिया है।
दो दिन से हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इसके साथ ही धान की रोपाई का काम भी तेज हो गया है। यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं है। क्षेत्र में हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत महसूस हुई तो वहीं किसानों के चेहरों पर भी रौनक आ गई। बारिश न होने के कारण धान रोपाई के बाद खेतों में दरारें पड़ने लगी थी। जिससे किसान मायूस हो गए थे। किसान जैसे-तैसे निजी संसाधनों से अपनी फसल को बचाने में जुटे हुए थे हालांकि छोटे किसान फसल की सिंचाई व रोपाई के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए थे। दरअसल 15 जून से धान की रोपाई का काम शुरू हो जाता है लेकिन इस बार बारिश देरी से होने के कारण धान की रोपाई भी देरी हो रही थी। कुछ किसानों ने धान की रोपाई तो कर दी थी। पर काफी दिनों से बारिश न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बारिश से उन किसानों को अधिक फायदा हुआ है, जिनके पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं।