माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। अंबाला में भले ही नदियाें में जलस्तर सामान्य हो गया है मगर बिगड़ता मौसम लोगों की धड़कनें बढ़ा रहा है। शनिवार को सुबह धूप निकली तो लोगों को लगा कि जलभराव से निजात मिलेगी और वह साफ सफाई का कार्य कर सकेंगे। मगर दोपहर 12 बजे अचानक से मौसम बदल गया और बारिश शुरू हो गई।
दोपहर दो बजे तक काले बादल आने से अंधेरा छा गया। दिनभर में चार मिलीमीटर बारिश हुई जिससे दिन के तापमान में कमी रही, वहीं दूसरी तरफ चंडीगढ़ दिल्ली राजमार्ग पर शनिवार को दोपहर तक जलभराव समाप्त हाे गया, जिसके बाद इस राजमार्ग पर यातायात सुचारू कर दिया। पहले राजमार्ग पर एक ही तरफ की लेन पर चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाला यातायात गुजर रहा था। वहीं यमुनानगर अंबाला राजमार्ग तीसरे दिन भी प्रभावित रहा। इस पर नदियों का पानी खेतों से होते हुए बहता दिखा। इसके कारण एक ही तरफ की लेन चली।
गांवों में पेयजल संकट, सिटी के ग्रामीण क्षेत्रों के हालात खराब : घग्गर नदी का पानी आने से सिटी के पंजाब की सीमा से सटे गांवों में काफी खराब स्थिति है। वहां घुटनों तक खेतों में और लिंक मार्गों पर पानी भरा हुआ दिखाई दिया।
उदयपुर गांव में भी ग्रामीण एक दूसरे मदद से गांव के अंदर बाहर आ जा रहे हैं। वहीं उनके खेतों में भी काफी पानी भरा हुआ है, जिसे निकालने का अभी तक कोई प्रबंध नहीं किया गया है। उनकी फसल भी खराब हो गई है। इसके साथ ही सबसे अधिक गांवों में पेयजल संकट हो रहा है। एक समय ही पेयजल की सप्लाई होने से अंबाला कैंट, साहा, अंबाला सिटी के क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हैं। अंबाला कैंट में तो शनिवार को भी गंदा पानी आया। इसके कारण लोग टैंकर या पानी की बोतर खरीदकर पानी पी रहे हैं।
टांगरी बांध के पास महिलाओं को सेनेटरी पैड्स देती इद्रीश फाउंडेशन की सदस्य। प्रवक्ता
टांगरी बांध के पास महिलाओं को सेनेटरी पैड्स देती इद्रीश फाउंडेशन की सदस्य। प्रवक्ता
टांगरी बांध के पास महिलाओं को सेनेटरी पैड्स देती इद्रीश फाउंडेशन की सदस्य। प्रवक्ता
टांगरी बांध के पास महिलाओं को सेनेटरी पैड्स देती इद्रीश फाउंडेशन की सदस्य। प्रवक्ता