होली में नौ दिन शेष हैं। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर भी अब यात्रियों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। ऐसे में रेलवे भी भीड़ के नियंत्रण की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत स्टेशन पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं और इसकी जिम्मेदारी आरपीएफ को सौंपी है।
स्टेशन पर व्यवस्थाओं का आंकलन करने के लिए भी मंडल के अधिकारियों को कमान सौंपी गई है जोकि मौके पर आकर व्यवस्थाओं की निगरानी भी करेंगे। वहीं, रोजाना के हिसाब से रिपोर्ट अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक को भी प्रस्तुत की जाएगी, जिससे कि भीड़ नियंत्रण के लिए जो प्रबंध किए गए हैं वो पुख्ता हैं या नहीं।
पहले कुंभ मेले में हुए हादसे और फिर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में जान-माल का नुकसान होने के कारण रेलवे अब पहले से काफी गंभीर नजर आ रही है। रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने भी जोन महाप्रबंधकों सहित सभी मंडल रेल प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वो भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे स्टेशन पर उचित प्रबंध करें, जिससे कि दोबारा ऐसा हादसा किसी दूसरे रेलवे स्टेशन पर न हो पाए।
यह होंगे प्रबंध
रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रबंध किए जाएंगे। यात्रियों को एक जगह पर रोकने के लिए रेलवे परिसर में टेंट लगाया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफार्म पर भी रस्से बांधे जाएंगे, जिससे कि ट्रेन के आने पर भगदड़ न मचे और कोई हादसा न हो। इसके अलावा यात्रियों के लिए स्वच्छ पानी और खानपान की सुविधा को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जल्द आएगी विशेष ट्रेनों की दूसरी सूची
रेलवे ने सोमवार रात को होली विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा कर दी है। इसमें चंडीगढ़ से गोरखपुर, मऊ से अंबाला कैंट, गोरखपुर से अमृतसर, नई दिल्ली से कटरा और कटरा से बनारस के विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। इसके अलावा बठिंडा, राजपुरा, सरहिंद, अंबाला कैंट सहित कुछ व्यस्त रहने वाले रेलवे स्टेशनों से भी विशेष ट्रेनों के संचालन को लेकर योजना तैयार की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही विशेष ट्रेनों की दूसरी सूची भी जारी हो जाएगी, जिससे कि यात्री बिना धक्का-मुक्की के आसानी से अपना सफर पूरा कर सकें।
अधिकारी के अनुसार
होली को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आरपीएफ को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए भी योजना तैयार की है।
-विनोद भाटिया, डीआरएम, अंबाला।