वहीं, शुक्रवार को भर्ती के दौरान एक बार फिर तीन युवकों का संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया है। तीनों भी एआई कैमरे की गिरफ्त में आए हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार तीनों संदिग्ध भी किसी अन्य की जगह शारीरिक दक्षता परीक्षा में बैठ चुके हैं। हालांकि प्राथमिक चरण में रेलवे अभी अपने स्तर पर जांच कर रही है। इस संबंध में जल्द ही तीसरी शिकायत पुलिस में दी जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक अंबाला द्वारा गठित तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति हरकत में आई। सेंटर इंचार्ज सह वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के निर्देश पर समिति सदस्य सह सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार ने पड़ाव थाना अधिकारी को लिखित शिकायत पत्र सौंपकर सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और एआई कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उत्तर रेलवे के सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने छल/प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी की धारा 319(2) और 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पड़ाव थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि सतीश 22 सितंबर को अभ्यर्थी दीपक के स्थान पर परीक्षा में शामिल हुआ था। 23 सितंबर को वह फिर से सतीश कुमार के स्थान पर दौड़ लगाने पहुंच गया। रेलवे से दोनों अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड मांगा गया है ताकि दोनों की धरपकड़ की जा सके। वहीं, दूसरे मामलों का घटनास्थल रतलाम है। इसलिए डीडीआर काटकर रतलाम भेजी जा रही है।
सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए भर्ती बोर्डों ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से लैस कैमरों को इस्तेमाल शुरु कर दिया है। हाईटेक तकनीक से लैस ये कैमरे फर्जीवाड़ा रोकने और मुन्नाभाइयों को पकड़ने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जोकि बॉयोमेट्रिक सिस्टम से जुड़े रहते हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते ही एआई कैमरा अभ्यर्थी के चेहरे को स्कैन कर उसके आधार डेटा और आवेदन पत्र में लगी तस्वीर से मैच करता है। अगर चेहरे के नैन-नक्श में थोड़ा भी अंतर मिलता है, तो सिस्टम तुरंत रेड सिग्नल दे देता है।
अधिकारी के अनुसार
अंबाला मंडल के रेलवे स्टेडियम में ग्रुप डी के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहली बार एआई कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी मदद से फर्जीवाड़े के कुछ मामले सामने आए हैं। इन मामलों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। -विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।