- वीडियो कॉल कर बनाई अश्लील क्लिप, फिर पुलिस अधिकारी बनकर धमकाया
ऐसे बुना ठगी का जाल, डेटिंग ऐप से शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर रेलवे के एक कर्मचारी को से 3.52 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने पहले वीडियो कॉल के जरिए अश्लील क्लिप बनाई, फिर सीबीआई अफसर, यूट्यूब प्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी बनकर जेल भेजने व लड़की के खुदकुशी करने की धमकी दी। पीड़ित उज्ज्वल यादव की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को युवक ने टोकी नाम का एप डाउनलोड किया था, जहां मिले एक व्हाट्सएप नंबर पर चैट शुरू हुई। 24 सितंबर को वीडियो कॉल के दौरान झांसे में लेकर युवक की आपत्तिजनक रिकॉर्डिंग कर ली गई। इसके बाद फर्जी सीबीआई अधिकारी, राकेश अस्थाना बनकर युवक को कॉल कर कहा कि वीडियो वायरल होने से रोकने के लिए यूट्यूब दफ्तर में बात करनी होगी।
वीडियो हटाने और रिफंड की फाइल पर दस्तखत के नाम पर अलग-अलग क्यू आर कोड के जरिए 1.25 लाख रुपये से अधिक ले लिए गए। जब आरोपी ने द्वारका का एसएचओ बनकर कॉल किया और कहा कि जिस लड़की से बात की थी, उसने छत से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। इसके बाद पुलिस केस और इलाज के नाम पर किस्तों में 2.23 लाख रुपये और ट्रांसफर करवा लिए गए।
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बहन के सवाल पर खुला राज
शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर को जब बहन ने यूपीआई ट्रांजेक्शन के बारे में पूछा, तब जाकर पीड़ित युवक को अहसास हुआ कि वह किसी गिरोह के चंगुल में फंस चुका है। तब तक ठग 3,52,500 ऐंठ चुके थे। जांच अधिकारी उप निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया, शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाली जा रही है और जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें फ्रीज कराने की कार्रवाई जारी है।