अंबाला। कोरोना प्रकोप के चलते ट्रेनों में अब अनारक्षित टिकट पर लगी रोक हट गई है। जल्द ही यात्री अनारक्षित श्रेणी में फिर से सफर कर सकेंगे। आकस्मिक यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत सिर्फ कंफर्म टिकट यात्रियों को ही ट्रेन में सफर करने की अनुमति है।
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक यात्री विपणन (प्रथम) विपुल सिंघल द्वारा जारी आदेशों के तहत अनारक्षित टिकट घरों में कब से टिकट की बिक्री शुरू होगी, इसका निर्णय जोनल रेलवे करेगा। जोनल रेलवे वर्तमान में चल रही यात्री ट्रेनें और संबंधित क्षेत्र की परिस्थिति के अनुसार इससे जुड़ी तारीख जारी करेंगे। यात्रियों को शारीरिक दूरी के साथ जनरल टिकट के साथ सफर के लिए भी जोनल स्तर पर ही दिशा-निर्देश जारी होंगे।
23 मार्च से लगी थी रोक
23 मार्च से सामान्य आरक्षण यानी अनारक्षित श्रेणी के टिकट पर रोक लग गई थी। इसका कारण यह था कि ट्रेनों में इस श्रेणी के यात्री डिब्बों में क्षमता से अधिक यात्री सवार हो जाते थे और इससे कोरोना वायरस का खतरा बढ़ जाता। इसलिए फिलहाल यह व्यवस्था बंद है। लेकिन अब कोरोना वायरस का प्रकोप कम हुआ है तो रेलवे ने इस व्यवस्था को दोबारा शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी है।
इस सुविधा के शुरू होने से यात्रियों को महंगा किराया देकर बसों या अन्य प्राइवेट वाहनों में नहीं जाना पड़ेगा। सूत्रों से जानकारी मिली है कि अनारक्षित श्रेणी की यात्रा के दौरान ट्रेन में जितनी सीट होंगी, उतने ही टिकटों की बुकिंग की जाएगी। यानी अनारक्षित टिकट भी उतने ही जारी होंगे जितनी अनारक्षित कोच में सीट होंगी। इससे अधिक टिकट किसी भी अनारक्षित श्रेणी की ट्रेन के लिए जारी नहीं होंगे।
7 से 8 हजार यात्री करते थे सफर
रुपये-पैसा खर्च करके कंफर्म सीट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेशक कई ट्रेन दौड़ रही हैं, लेकिन लॉकडाउन से पूर्व जनरल टिकट से रोजाना औसतन 7 से 8 हजार से अधिक दैनिक यात्री अभी भी पैसेंजर ट्रेनों के चलने की इंतजार में हैं। मार्च में लगे लॉकडाउन को दिसंबर माह तक 9 महीने हो जाएंगे। इस दौरान दैनिक यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से कोई ट्रेन नहीं चलाई गई। लेकिन पिछले कुछ समय से अंबाला-दिल्ली और दिल्ली-फाजिल्का एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो गया है, कयास लगाए जा रहे हैं कि उक्त ट्रेन में सफर करने की अनुमति दैनिक यात्रियों को मिल सकती है, वहीं मेमू और डीएमयू ट्रेनों के संचालन को भी हरी झंडी मिल सकती है।
रेलवे बोर्ड की आदेश प्राप्त हुए हैं। अभी समीक्षा की जा रही है और परिस्थिति के अनुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पंकज गुप्ता, एडीआरएम आप्रेशन।