अंबाला। रेलवे के 14 लाख कर्मचारी ई-पास सुविधा का फायदा उठा सकेंगे। रेलवे ने कर्मचारियों का ऑनलाइन यानि एचएमआरएस डाटा अपडेट कर दिया है। कर्मचारियों को इस सुविधा को तोहफा आज रेलवे बोर्ड द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम के तहत दिया जाएगा। इसमें सभी विभागीय अधिकारी कार्यालयों में बैठे ही इसे लांच करेंगे। पहले सभी रेलवे कर्मचारियों का नौकरी व परिवार से जुड़ा डाटा एचएमआरएस पर अपडेट किया गया था, वहीं अब इस कड़ी में कर्मचारियों को ई-पास की सुविधा भी देने का फैसला किया गया है। यह सुविधा रेलवे कर्मचारियों को सोमवार यानि 10 अगस्त से मिलनी शुरू हो जाएगी।
अब नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर पे चक्कर
कर्मचारियों को रेल पास की सुविधा के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। कभी मान-मुनव्वल भी करना पड़ता था। कागजी प्रक्रिया के दौरान रेल पास सुविधा का दुरुपयोग होने का अंदेशा भी बना रहता था, लेकिन अब पूरा डाटा ऑनलाइन अपडेट रहेगा। सिस्टम ई-पास से जुड़ी तमाम जानकारी चंद सेकेंड में ही अधिकारियों व कर्मचारियों को दे देगा। यह सुविधा मिलने के बाद कर्मचारियों को पास लेकर टिकट काउंटर पर जाने और यात्रा के दौरान इसे संभालकर रखने की जरूरत नहीं होगी। अब सिर्फ मोबाइल पर आए कोड को सहेज कर रखना होगा। यही कोड सीट रिजर्व कराते समय फार्म में भरना होगा।
सॉफ्टवेयर में किया बदलाव
इस कार्य के लिए वाणिज्य विभाग के सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव किया है। इसके साथ ही आरक्षण प्रणाली के सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया गया है, इससे कर्मचारियों को टिकट काउंटर पर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
पर्यावरण सुरक्षित व फर्जीवाड़ा पर लगेगी लगाम
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम उपाध्याय ने बताया कि रेलवे का यह कदम सराहनीय है। इससे लंबी कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी और यह पर्यावरण के अनुकूल होगा। इससे फर्जीवाड़ा भी रुकेगा, क्योंकि कई स्थानों पर दूसरे के पास लेकर सफर करने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
यह मिलती है सुविधा
राजपत्रित अधिकारियों को 1 साल में 6 और सेवानिवृत्त होने पर 3 रेल पास मिलते हैं। इस पास के जरिए वह एवं उनके आश्रित मुफ्त रेल सफर करते हैं। गैर राजपत्रित कर्मचारियों को साल में 3 व सेवानिवृत्त होने पर 2 पास दिए जाते हैं। रेल कर्मियों को चार पीटीओ यानि प्रिविलेज टिकट ऑर्डर भी मिलता है। पीटीओ से सफर करने के लिए उन्हें एक तिहाई किराया देना पड़ता है।
सराहनीय कदम
यह रेलवे बोर्ड का एक सराहनीय कदम है। इससे कागजी प्रक्रिया से छुटकारा मिलेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। कर्मचारियों को प्रत्येक जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी।
-गुरिंदर मोहन सिंह, रेल प्रबंधक अंबाला मंडल।