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निगाहें अब चेयरमैन की कुर्सियों पर, जोड़तोड़ शुरू

Sat, 30 Jan 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
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जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद अब जिला परिषद और पंचायत समितियों के चेयरमैन की कुर्सियों के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है। उधर, भाजपा के राज्यमंत्री नायब सैनी और मंत्री अनिल विज के दावों की बात करें, तो दोनों मंत्री ये दावा कर चुके हैं कि जिला परिषद और पंचायत समिति का चेयरमैन भाजपा का ही बनेगा।
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अंबाला में टूटा कांग्रेस और इनेलो का गढ़अंबाला में जिला परिषद और पंचायत समितियों के पूर्व इतिहास पर यदि नजर डालें तो अभी तक हमेशा ही जिला परिषद व सभी छह पंचायत समितियों का चेयरमैन कांग्रेस और इनेलो समर्थित सदस्य ही बनता आया है। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ, जब भाजपा को जिला परिषद का अपना चेयरमैन बनाए जाने की आस जगी है। इसलिए भाजपा ने इसके लिए जोड़तोड़ की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कुछ ऐसा है जिला परिषद चेयरमैन का समीकरणजिला परिषद के चुनाव घोषित होने के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसके मुताबिक भाजपा, कांग्रेस, इनेलो और बसपा किसी भी पार्टी को अपना चेयरमैन बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कुछ पंद्रह वार्डों में से भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्यों की संख्या 6 है, 3 जिला परिषद सदस्य कांग्रेस समर्थित है, जबकि इनेलो के 4, बसपा का 1 और एक पूरी तरह से आजाद प्रत्याशी है, जिसने जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीता है। अब यदि समीकरणों को देखें तो जिला परिषद का सदस्य बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 8 सदस्य का समर्थन चाहिए। यानी चेयरमैन वही बनेगा, जिसे जिला परिषद के 15 सदस्यों में से कम से कम 8 सदस्यों की समर्थन मिले। भाजपा के सीनियर लीडर व राज्यमंत्री नायब सैनी ने अभी से ही इसकी जोड़तोड़ की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन इनेलो और कांग्रेस के सीनियर लीडरों की माने तो अभी वे इस मामले में कुछ कह नहीं सकते, क्योंकि वे भी अभी स्पष्ट बहुत से दूर है। इनेलो नेता ओंकार सिंह कहते हैं कि देखते हैं अभी क्या समीकरण सामने आते हैं, फिलहाल तो जिला परिषद सदस्य पद व गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसी तरह अंबाला में छह पंचायत समितियां हैं, उनके परिणाम भी घोषित हो चुके हैं, इनके चेयरमैनी भी घोषित किए जाने हैं। लेकिन इसमें भी किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। लेकिन अधिकतर पंचायत समितियों के वार्डों में जीतने वाले सदस्य भी भाजपा के ही हैं। इसलिए भाजपा के दिग्गज नेता यहां भी जोड़तोड़ की राजनीति के चलते सभी छह पंचायत समितियों का चेयरमैन भी भाजपा समर्थित ही बनाने की जुगत में लग गए हैं।
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भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा भाजपा के समर्थित सदस्य ही जिला परिषद व ब्लाक समितियों के सदस्य बने हैं। पूरी कोशिशें शुरू की जा चुकी हैं। इस बार जिला परिषद व पंचायत समितियों के चेयरमैन भाजपा से ही बनेंगे।-नायब सैनी, राज्यमंत्री, हरियाणा सरकार।
पिछले कार्यकाल में भाजपा का खाता भी नहीं खुला था-अंबाला जिला परिषद की चेयरमैन पिछली बार इनेलो की पिंकी गोला थी-जिला परिषद की वाइस चेयरमैन की कुर्सी गीता देवी कांग्रेस के पास थी-पिछली बार भाजपा समर्थित एक भी जिला परिषद का सदस्य नहीं था।-कांग्रेस के आठ और इनेलो के छह प्रत्याशी पिछली जिला परिषद के सदस्य थे-उधर,  पंचायत समिति अंबाला-वन का चेयरमैन हजपा समर्थित सर्वजीत कौर थी-पंचायत समिति अंबाला- टू की चेयरमैन भी हजपा समर्थित कुलदीप सिंह थे-पंचायत समिति साहा के चेयरमैन कांग्रेस समर्थित जेडी सिंह थे-पंचायत समिति नारायणगढ़ का चेयरमैन कांग्रेस समर्थित जय प्रकाश थे-पंचायत समिति बराड़ा के चेयरमैन कांग्रेस समर्थित नरेंद्र शर्मा थे- पंचायत समिति शहजादपुर के चेयरमैन कांग्रेस समर्थित उषा शर्मा थी
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