रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ढींगरा आयोग को और समय दिए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि जब रिपोर्ट सौंपी जाने वाली थी, उससे पहले ऐसा निर्णय लिया गया।
हुड्डा ने मंगलवार को नारायणगढ़ में यह सवाल उस समय उठाया जब पत्रकारों ने ढींगरा आयोग की रिपोर्ट आने से पहले सरकार की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा व राबर्ट वाड्रा को निशाने पर लेने के बाबत पूछा। वे चंडीगढ़ से सढौरा जाते समय कुछ देर के लिए यहां वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक मेहता के आवास पर रुके थे।
दीपेंद्र ने आयोग के गठन व मंशा पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने की गर्ज से बनाया गया था। हुड्डा ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हर नियम व कायदे का पालन कर शासन चलाया है और हम पूरी तरह से पाक-साफ हैं।
देश में कॉमन सिविल कोड के सवाल पर सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने जनता के साथ किया हुआ कोई भी वायदा पूरा नहीं किया। ऐसे में जनता का ध्यान भटकाने के लिए गैरमहत्वपूर्ण विषयों को उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जबसे भाजपा ने देश व प्रदेश की बागडोर संभाली है, तबसे पूरा देश आंदोलनमय हो गया है। उन्होंने कहा कि 48 वर्षों बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि केंद्रीय कर्मचारी विशेषकर रेलवे कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की बात कह रहे हैं। उनके साथ पूर्व सूचना आयुक्त अशोक मेहता, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, युवा नेता गौरव राज, गुरजंट सिंह, उदय सिंह, सुरेंद्र छाबड़ा, ओमप्रकाश पाल, बरखा राम, जरनैल सिंह, देवकीनंदन नंदा, गुरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।