अंबाला। छावनी के दयालबाग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में रविवार को मंदिर की गुल्लक खोली गई। इस प्रक्रिया के दौरान दान पात्र से 2 लाख 80 हजार रुपये से अधिक की धनराशि निकली। मगर इससे पूर्व संस्था के पूर्व पदाधिकारियों ने विरोध कर दिया।
इसके बाद प्रशासक को स्थिति बिगड़ती देख महेश नगर थाना पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस की निगरानी में दानपात्र में मौजूद धनराशि की गणना करवानी पड़ी। वहीं संगत के रोष को देखते हुए हटाए गए पुजारी मनीष को दोबारा से कार्यभार सौंप दिया गया।
संस्था के पूर्व प्रधान रोहतास लाल बतरा और संगत ने आरोप लगाया कि कैशियर संदीप गुप्ता और पूर्व महासचिव विजय शर्मा मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। यह भी आरोप है कि संदीप गुप्ता संस्था का कार्यवाही रजिस्टर उठाकर ले गए थे, जिसे प्रशासक अभी तक रिकवर नहीं कर सके हैं। रविवार सुबह 11 बजे प्रशासक, एमसी सोमनाथ, केयरटेकरों और पुजारियों की मौजूदगी में मुख्य द्वार बंद कर दानपात्र खोले गए। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने 15 दिन पहले बिना कारण हटाए गए पुजारी मनीष की पैरवी की। प्रशासक द्वारा सही जवाब न देने और टालमटोल करने पर शाम को संगत का गुस्सा फूट पड़ा। संगत ने गाड़ी का घेराव करने की चेतावनी दी, जिसके बाद प्रशासक ने पुलिस बुलाई। महेश नगर थाना से एसआई तेजेंद्र टीम के साथ पहुंचे और मामला शांत कराया। हंगामे के कारण दानपात्र की गिनती पूरी नहीं हो सकी। संवाद