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Ambala News: संपत्ति कर बकाया, दो दुकानें सील

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शहर के प्रताप नगर में दुकान को सील करते हुए निगम कर्मचारी। निगम - फोटो : वृंदावन में देवरहा बाबा की जलसमा​धि के दौरान मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी व अन्य। फाइल फोटो
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अंबाला सिटी। नगर निगम की टीम ने शहर के प्रताप नगर में संपत्ति कर बकाया होने पर दो दुकानों को सील किया। यह कार्रवाई लगातार कई दिनों से चल रही है। बीते सोमवार भी प्रताप नगर में तीन दुकानों को सील किया गया था। संपत्ति कर शाखा के प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि संपत्ति कर बकाया होने पर रोजाना संपत्ति को सील करने की कार्रवाई चल रही है। शहर में नोटिस भी बांटे जा रहे हैं। प्रताप नगर में मंगलवार को दो दुकानों को संपत्ति कर बकाया होने पर सील किया गया।
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वहीं, निगम कर्मचारियों की ओर से शहर में नोटिस भी बांटे जा रहे हैं। इससे पहले भी निगम 115 नोटिस बांट चुका है। कई लोग ऐसे भी हैं, जिनका निगम में ज्यादा संपत्ति कर बकाया दिखा रहा है। ऐसे लोग भी निगम में आकर पैसा जमा करवा रहे हैं। शहर में 983 ऐसे लोग हैं, जिनके पास निगम का करोड़ों रुपये संपत्ति कर बकाया है। इनके पास पांच लाख से नीचे कर बकाया है। इसी तरह 162 से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिनके पास पांच लाख से ऊपर कर बकाया है। इनमें निजी व्यवासयिक, बैंक, सरकारी संपत्ति शामिल हैं।
सर्वे में हुई गलतियां, इस वजह से भी संपत्ति सील होने की आई नौबत
दरअसल, कंपनी की ओर से पहले किए गए सर्वे में काफी गलतियां की गई है। कई लोगों के दस्तावेज में एरिया ज्यादा दिखा दिया गया, जबकि किसी का संपत्ति कर ज्यादा बना दिया गया। इन गलतियों की वजह से भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और निगम अधिकारियों को भी दोबारा से रिकॉर्ड को ठीक करना पड़ रहा है।
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कई लोग तो ऐसे भी निगम में पहुंच रहे हैं, जिनके पास निगम के खाते में 5 लाख तक संपत्ति कर बकाया है जबकि जब एरिया और आईडी को सत्यापित करते हैं तो वह संपत्ति कर काफी कम रह जाता है। निगम शहर की एक लाख 23 हजार में से 25 हजार से ज्यादा आईडी तो सत्यापित कर चुका है जबकि निगम में रोजाना लोग आईडी को सत्यापित करवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
नोटिस से लोग घबराएं नहीं, बल्कि अपनी आईडी को करवाएं चेक
संपत्ति कर शाखा के प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि नोटिस देने के बाद कई लोग ऐसे भी उनके पास पहुंचे हैं, जिनके पास लाखों रुपये संपत्ति कर बकाया था, लेकिन जब उनका निगम में संपत्ति कर चेक किया गया तो वह काफी कम हो गया। सर्वे के दौरान कई गई गलतियों से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह बकाया संपत्ति कर का नोटिस मिलने के बाद घबराएं नहीं, बल्कि अपनी आईडी को निगम में आकर सत्यापित करवाएं ताकि उनकी आईडी को सही किया जा सके।
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