- नगर परिषद ने तैयार की सूची, तीन नोटिस देने के बाद भी नहीं जमा करवाया कर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नगर परिषद ने संपत्ति कर की वसूली के लिए सख्ती करने का फैसला लिया है। बार-बार चेतावनी और तीन बार नोटिस जारी करने के बावजूद टैक्स जमा न करवाने वाले 200 बड़े बकायेदारों की सूची फाइनल कर ली है और अब सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
तीन टीमों का हुआ गठन
वसूली अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए नगर परिषद ने तीन विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों के साथ नगर परिषद के सचिव और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) खुद फील्ड में मौजूद रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यदि कोई मकान मालिक मौके पर ही चेक या नकद भुगतान करता है, तो उसे राहत दी जा सकती है, अन्यथा भवन को तुरंत सील कर दिया जाएगा। परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, छावनी में संपत्ति कर के रूप में लगभग 8 करोड़ रुपये की राशि अब भी लंबित है। हालांकि, हालिया सख्ती के बाद परिषद अब तक करीब 20 लाख रुपये का कर एकत्रित करने में सफल रही है, लेकिन लक्ष्य अभी भी काफी दूर है।
पार्षदों का लिया सहयोग
नगर परिषद ने लंबित संपत्ति कर की प्राप्ति के लिए वार्ड स्तर पर पार्षदों का भी सहयोग लिया था। पार्षदों के प्रयास से कुछ कर नगर परिषद को प्राप्त भी हुआ है। इसके अलावा सभी 32 वार्डों में मुनादी करवाकर भी भू-मालिकों को जागरूक किया गया था कि वो अपना लंबित संपत्ति कर जल्द से जल्द जमा करवाएं। बावजूद इसके भू-मालिकों की तरफ से जो उम्मीद नगर परिषद को थी, वो पूरी नहीं हो पाई।
हमने बकायेदारों को पर्याप्त समय और अवसर दिए हैं। तीन नोटिस के बाद भी जिन लोगों ने टैक्स जमा नहीं किया, उनके खिलाफ अब सीलिंग ही एकमात्र विकल्प बचा है। हमारी टीमें जल्द ही अभियान शुरू करेंगी।
- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर, अंबाला