नारायणगढ़ की आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान तेजा सिंह ने कहा कि जाट आंदोलन की आड़ में जिस तरह से हिंसा व लूटपाट हुई है, उससे प्रदेश का व्यापारी वर्ग दहशत में है। ऐसे में सरकार जल्द से जल्द इन पीड़ितों को जहां आर्थिक मदद दे, वहीं व्यापारियों की सुरक्षा को भी पुख्ता किया जाए। वे वीरवार को एसोसिएशन की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में चुनिंदा बिरादरियों की संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया। इस उपद्रव के चलते जहां प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है वहीं व्यापारी वर्ग में दहशत व्याप्त है। आमजन के सहयोग से अपना व्यापार चला रहे लोगों के साथ हुए इस बर्ताव के आढ़ती एसोसिएशन कड़े शब्दों में निंदा करती है। बैठक में अशोक कुमार कालड़ा, हरपाल, ओमप्रकाश चानना, राधेश्याम कालड़ा, रमेश पिपलानी, राजकुमार चानना, रघबीर लाल, अशोक कुमार गुप्ता, संदीप कुमार गोयल, साखी गोपाल, केतन शर्मा, सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे। आरक्षण के नाम पर प्रदेश में हुई लूटपाट व आगजनी की घटनाओं के खिलाफ सीनियर सिटीजन ने वीरवार को ज्ञापन प्रदेश सरकार के नाम एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन लोगों का नुकसान हुआ है उन्हें तुरंत प्रभाव से मुआवजा दिया जाए। सरकारी व निजी सम्पत्तियों को जलाने वाले व आरक्षण आन्दोलन की आड़ में लूटपाट करने वाले लोगों को कोई मुआवजा देने की बजाय पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। इस दौरान जरनैल सिंह, अमरनाथ ढींगरा, सुरेंद्र आर्य, रामगोपाल, सतपाल भट्टी, सुरजीत सिंह, गुरशरण दास, बलदेव सिंह आदि यह भी मांग की कि आरक्षण आंदोलन को उग्र बनाने वाले उन सभी राजनेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए जिन्होंने समाज के विभिन्न तबकों को आपस में लड़वाने का कार्य किया। एसडीएम की अनुपस्थिति में कार्यालय अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया।
ब्राह्मण सभा ने की उपद्रवियों पर कार्रवाई की मांग जिला ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के उस ब्यान का स्वागत किया कि उपद्रवियों को बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कम्बोज के उस बयान की भी प्रशंसा की है कि नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की सम्पत्ति को कुर्क करके हो। राजनीतिक पार्टियों के लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने में ही अपना समय बर्बाद कर रहे हैं जिन लोगों को भारत की जनता ने अपना प्रतिनिधि चुनकर संसद और विधान सभाओं में भेजा है उनकी कार्यशैली से ऐसा आभास होता है कि उनके पास अपने राष्ट्र के लोगों का हित सोचने का समय ही नहीं है। सभा के मुख्य संरक्षक सुभाष शर्मा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से गुहार की है कि हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिस व्यक्ति का जितना नुकसान हुआ है उसकी उतनी भरपाई तत्काल की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।