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प्राइवेट स्कूलों से तीन साल का रिकार्ड तलब

Sat, 10 May 2014 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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हाईकोर्ट के आदेशों पर बनाई गई कमेटी ने प्रदेश भर में चल रहे सभी मान्यता प्राप्त व सीबीएसई स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए स्कूल संचालकों से तीन साल का ब्योरा मांगा है। दस दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है।  इसमें अंबाला के भी करीब दो सौ प्राइवेट स्कूल शामिल हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
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अब अपनी मनमर्जी करने वाले स्कूलों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कोर्ट के आदेशों पर बनी कमेटी की चेयरपर्सन रिटायर्ड जस्टिस किरण आनंद लाल ने पत्र जारी करते हुए स्कूलों को 10 दिन में जवाब देने को कहा है। जारी पत्र के  माध्यम से कमेटी के चेयरपर्सन ने स्कूल संचालकों से करीब 21 सवालों पर जवाब मांगें हैं।

कमेटी के इस कदम से फीस वृद्धि सहित अन्य मामलों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद दिखने लगी है। वहीं कमेटी द्वारा जारी किए गए लेटरों के बाद कही न कहीं स्कूल संचालकों की मनमर्जी पर अंकुश लगेगा। कमेटी ने लेटर जारी करते हुए स्कूलों से वर्ष 2011-12, 2012-13 और 2013-14 का रिकार्ड मांगा है। मालूम हो कि यहां अंबाला में भी आए  दिन प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों व फीस वृद्धि को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी व अभिभावकों के बीच टकराव बढ़ रहा है। 
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इन सवालों पर मांगे जवाब
स्कूल प्रबंधक द्वारा तीन साल के हर महीने का रिकार्ड दिया जाए जिसमें यह स्पष्ट होता है कि स्कूल में हर महीने क्या खर्च किया और विभिन्न स्त्रोतों से क्या इनकम हुई है? स्कूल संचालकों की 31 मार्च 2011, 31 मार्च 2012 व 31 मार्च 2013, 31 मार्च 2014 की आडिट बैलेंस शीट मांगी गई है। वहीं वह शीट भी मांगी गई है, जो बैलेंस शीट बनने से पहले तैयार की गई है। तीन साल से स्कूलों की बैंक स्टेटमेंट भी जमा करवाने को कहा गया। इन तीन साल में स्कूलों द्वारा कोई एफडी करवाई गई है उसकी डिटेल भी दी जाए।

स्कूल द्वारा कोई ऋण लिया गया है तो उसकी किस्तों का ब्योरा दिया जाए। स्कूल अपने सभी साधनों का ब्योरा उपलब्ध करवाएं। तीन साल में स्कूल द्वारा भरी गई इनकम टैक्स की कापी उपलब्ध करवाई जाए। स्कूल का एरिया, जमीन, स्कूल की स्थापना का दिन, स्कूल के शुरू होने का दिन सहित कई तरह के रिकार्ड। कितने बच्चों ने तीन साल में ट्रांसपोर्ट सुविधा का लाभ लिया, उसका रिकार्ड दिया जाए। कुल बसों का ब्योरा दिया जाए।

इन तीन साल में स्कूल में कुल कितने बच्चे पढ़ रहे हैं। स्कूल के टीचर्स व अन्य स्टाफ का ब्योरा उपलब्ध करवाया जाए। स्कूलों के पिछले तीन साल के फार्म-6 का ब्योरा उपलब्ध करवाया जाए। इसमें कमेटी ने वर्ष 2012-13 व 2013-14 का रिकार्ड मांगा। यह भी पूछा गया है कि क्या स्कूल संचालकों ने फार्म भरा है और यदि भरा है तो रिकार्ड दिया जाए।
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