सरकार के खिलाफ प्राइवेट स्कूल संचालक लामबंद
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प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक वीरवार को एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा की अध्यक्षता में सिटी के पीकेआर जैन पब्लिक स्कूल में संपन्न हुई। बैठक में एसोसिएशन ने स्कूलों पर लगाए गए प्रापर्टी टैक्स का विरोध करने, 134 ए के तहत दाखिल बच्चों की रिइंबरसमेंट की मांग सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में एसोसिएशन द्वारा निर्णय लिया गया कि स्कूल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अथवा इस पाठ्यक्रम के अनुसार उपलब्ध किसी भी पब्लिशर की पुस्तकें लगाने के लिए स्वतंत्र होंगे। बैठक में मौजूद स्कूल प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके स्कूलों को 50-50 लाख रुपये प्रापर्टी टैक्स के नोटिस आए हैं जिन्हें जमा करवाना किसी स्कूल के बस में नहीं हैं।
स्कूलों को चला रही सोसाइटियां बिना लाभ-हानि के स्कूल चला रही हैं। वह पहले ही बिजली पानी का भाव कामर्शियल दे रहे हैं। अब नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स के भारी भरकम नोटिस भेजकर सबको परेशानी में डाल दिया है। निर्णय लिया गया कि पहले सरकार से बात करेंगे कि वह यह प्रापर्टी टैक्स वापस ले अन्यथा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाए।
बैठक में 134-ए के मामले पर विचार करते हुए कहा गया कि सत्र समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक भी सरकार ने अपने वायदे के अनुसार संबंधित छात्रों के खाते में रिइंबरसमेंट के पैसे नहीं डाले हैं।
फैसला लिया गया कि अब एसोसिएशन इस वादा खिलाफ को लेकर समाज के बीच जाएगी और बताएगी कि सरकार ने किस प्रकार से लोगों का मूर्ख बनाया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राइवेट स्कूल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अथवा इस पाठ्यक्रम के अनुसार उपलब्ध किसी भी पब्लिशर की पुस्तकें लगाने को स्वतंत्र रहेंगे। इसके लिए शिक्षा नियमावली के सेक्शन 10-10 में स्पष्ट प्रावधान हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष एएस महाजन, उपाध्यक्ष सौरभ कपूर, महासचिव विशाल चुग, नारायणगढ़ प्रधान बाबी सैनी, साहा ब्लाक प्रधान सतीश सैनी, बराड़ा प्रधान हरपाल सिंह सहित अन्य स्कूल संचालक मौजूद रहे।