अंबाला सिटी। हादसे के बाद निजी अस्पतालों में भी नि:शुल्क उपचार की सुविधा के लिए अब हर सप्ताह स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट देनी होगी। इससे यहां पर मिलने वाली सुविधाओं का आंकलन हो सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी सहित सरकारी अस्पतालों को भी पत्र जारी कर दिया गया है।
अस्पतालों को एक सप्ताह में आने वाले घायलों और उनको मिलने वाले उपचार की रिपोर्ट देनी होगी। सरकार की योजना के आधार पर अब हादसे में घायल होने पर निजी अस्पतालाें में भी नि:शुल्क उपचार दिया जाएगा। इससे हादसों में होने वाली माैतों का आंकड़ा थोड़ा घटने की संभावना है।
अब तक 63 मामले हुए मंजूर
योजना के तहत विभिन्न अस्पतालों में अब तक 63 मामले मंजूर हो चुके हैं। इनमें अंबाला छावनी में 6, अंबाला सिटी में 13, शहजादपुर में 3, बराड़ा में दो, सद्दोपुर में दो और आदेश मेडिकल कॉलेज में 31 मामलों सहित अन्य क्षेत्रों में भी 63 मामले मंजूर हो चुके हैं। बीते दो माह में ही ये मामले 46 से बढ़कर 63 हुए हैं। जिन अस्पतालों में अभी तक कोई मामला मंजूर नहीं हुआ है उन्हें पत्र के माध्यम से निर्देश दिए जा रहे हैं जिससे वे अधिक से अधिक मरीजों का उपचार कर सकें।
ब्लैक स्पाॅट के तहत भेजी सूची
जिले में सबसे अधिक हादसे होने वाली जगहों के लिए भी निदेशालय की ओर से नजदीकी अस्पतालों की सूची मांगी गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने 13 जगहों के तीन किलोमीटर वाले क्षेत्र में उपलब्ध अस्पतालों की सूची भी भेज दी है। इससे हर हाल में वहां से एंबुलेंस सेवा के साथ-साथ घायल को तुरंत उपचार मिल सकेगा।
हमारी ओर से सभी अस्पतालों को साप्ताहिक रिपोर्ट देने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, जिससे हादसों के दौरान होने वाली मौतों में कमी लाई जा सके।
- डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना।