अंबाला सिटी। आयुष्मान योजना के तहत पैनल के निजी अस्पतालों ने बकाया भुगतान को लेकर 14 घंटे तक हड़ताल की। इस दौरान मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि आयुष्मान की ओपीडी भी खाली दिखाई दी।
कई जगह पर चिकित्सकों के स्टॉफ ने मरीजों को फोन कर आने से मना भी किया। दरअसल सोमवार रात 12 बजे से लेकर दोपहर दो बजे 14 घंटों तक हड़ताल जारी रही। जिला अंबाला के 44 निजी अस्पतालों का करीब 25 करोड़ रुपये बकाया है। इसके भुगतान के लिए ही आईएमए की ओर से हड़ताल की थी। जिला अंबाला में पांच लाख 47 हजार के करीब आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं।
फोन कर मरीजों को सूचित किया
अंबाला सिटी के निजी अस्पतालों द्वारा मंगलवार को मरीजों को फोन कर सूचित किया गया और उन्हें हड़ताल के बाद आने के निर्देश दिए गए। अंबाला सिटी में कई मरीज नारायणगढ़ सहित जिले के अन्य दूरदराज क्षेत्रों से भी आते हैं। निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार लेने वाले मरीज बहुत ही कम संख्या में पहुंचे थे। जिन्हें निजी अस्पताल के कर्मचारियों ने हड़ताल के बाद आने को कहा।
निर्देशों पर फिलहाल टली हड़ताल
आईएमए अंबाला सिटी के प्रधान डॉ सौरव बहल ने बताया कि आईएमए के अधिकारियों के निर्देशों पर फिलहाल हड़ताल को टाल दिया गया है। सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन दिया है कि 28 फरवरी तक भुगतान कर दिया जाएगा।
कटौती सबसे बड़ी समस्या : डाॅ. सारवाल
आईएमए अंबाला के पूर्व प्रधान डॉ. अशोक सारवाल ने बताया कि हमारी ओर से जो भी बिल भेजें जाते हैं, उनमें कटौती सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि पहले ही सरकार भुगतान देरी से करती है। इसमें भी 10 से 20 प्रतिशत की कटौती अस्पतालों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है। आईएमए अंबाला सिटी के पूर्व प्रधान डॉ. अशोक सारवाल ने बताया कि अब सरकार ने हमारी प्रमुख मांगे बकाया भुगतान और बिलों में कटौती नहीं करने को मान लिया है। इसके अलावा भी अन्य मांगे हैं। इन पर सरकार की ओर से आश्वासन दिया है। इसलिए हमारी ओर से हड़ताल को फिलहाल के लिए समाप्त किया है।
वर्जन
हमारी ओर से निदेशालय ने हड़ताल करने वाले अस्पतालों की सूचना मांगी थी। जिस पर विभाग की ओर से निदेशालय को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद बैठक का फैसला आया है जिसके बाद आईएमए के अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है।
-डॉ. नीलम कुश्वाह, जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना।