प्रदेश भर में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन के जरिये भर्ती किए गए प्राचार्यों ने वेतनमान में कटौती किए जाने के विरोध में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने सर्कुलर जारी इन प्राचार्यों का वेतन घटाने का फैसला लिया था। अब इस मामले में हरियाणा सरकार 15 फरवरी को नोटिस के जबाव में अपना पक्ष रखेगी।
गौरतलब है कि 24 दिसंबर 2015 को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी हरियाणा गवर्नमेंट, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग की ओर से डायरेक्टर जनरल इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग डिपार्टमेंट हरियाणा को पत्र जारी किया था। इस पत्र में इस कटौती का जिक्र किया गया था। इसके अनुसार जनवरी 2014 में हरियाणा सरकार ने 17 प्राचार्यों की नियुक्ति की थी। इन 17 प्राचार्यों में से एक प्राचार्य ने ज्वाइन नहीं किया था, जबकि सरकार ने सुर्कलर जारी कर 16 प्राचार्यों का वेतन घटाने का फैसला लिया था। सुर्कलर के मुताबिक हजारों रुपये की राशि प्राचार्यों के वेतन में से कटौती हो जाती। सरकार के निर्देश मिलने के बाद प्राचार्यों में चिंता बन गई थी। मगर सरकार के इस फैसले के बाद प्राचार्यों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इसी को लेकर मामला अब हाईकोर्ट पहुंचा चुका है। हाईकोर्ट में डाली सीडब्ल्यूपी 1115 आफ 2016 के तहत नोटिस आफ मोशन जारी किया गया है। इसके तहत अब हाईकोर्ट ने सरकार से 15 फरवरी 2016 तक जवाब मांगा है। उक्त मामले में अब सरकार अपना जवाब देगी, जिसके बाद आगे इस मामले में कार्रवाई होगी।