अंबाला। दिल्ली कूच के लिए छह दिसंबर को शंभू बॉर्डर से निकलने वाले जत्थेबंदियों के ऐलान के बाद अंबाला के जत्थेबंदियों ने भी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक शंभू बॉर्डर का रास्ता खुलने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
अंबाला पुलिस संग किसान नेताओं की बैठक हुई थी लेकिन उस बैठक में किसानों के पक्ष को सुनकर अंबाला पुलिस अधीक्षक की ओर से आलाधिकारियों को अवगत करवाया है। उस पर भी निर्णय लिया जाना है।
उधर, शंभू बॉर्डर से आने वाले पंजाब के किसानों के ठहराव के लिए अंबाला की जत्थेबंदियां ने भी कमर कस ली है। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने बताया कि शंभू बॉर्डर से निकलने के बाद हर 15 किलोमीटर पर ठहराव होगा।
इसमें अंबाला की किसान जत्थेबंदियों की तरफ से किसानों के लिए भोजन आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसान जत्थेबंदियों का हाईवे किनारे ही ठहराव होगा। इसके लिए कोई अलग से ठहराव की व्यवस्था नहीं है जिसके लिए अनुमति की जरूरत पड़े। वहीं शंभू बॉर्डर पर इस ऐलान के बाद किसानों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
इसका गवर्नमेंट लैवल पर निर्णय लिया जाना है। दिल्ली जाने के लिए सबसे पहले तो अनुमति जरूरी है वो अभी तक नहीं दिखाई है। कोई भी प्रोटेस्ट करना है तो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक दिल्ली से अनुमति लेना बेहद जरूरी है।
सुरेंद्र सिंह भोरिया, पुलिस अधीक्षक अंबाला