अंबाला कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में बना दवाईयों का वेयर हाउस: संवाद
अंबाला। पंचकूला, यमुनानगर व अंबाला के नागरिक अस्पतालों में सप्लाई होने वाली दवाओं के अंबाला कैंट में बने वेयरहाउस पर मंडराने वाला जलभराव का संकट जल्द दूर हो जाएगा। इस वेयरहाउस को कैंट के औद्योगिक क्षेत्र से दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग की तरफ से ऐसे क्षेत्र की तलाश की जा रही है, जहां जलभराव का न हो ताकि दवाइयां सुरक्षित रह सकें।
कैंट के औद्योगिक क्षेत्र के निकट 700 मीटर की दूरी पर टांगरी नदी बहती है। इस नदी के उफान पर आने के बाद कई बार पानी आसपास की कॉलोनियों सहित औद्योगिक क्षेत्र में भी मार करता है। 2023 में भी इसी नदी के चलते बाढ़ आ गई थी। इस बीच वेयरहाउस में भी पानी भर गया थ, उस समय स्वास्थ्य विभाग की करीब 25 करोड़ रुपये की दवाएं खराब हो गईं थी।
दो मंजिला वेयरहाउस का ग्राउंड फ्लोर बरसाती दिनों में करना पड़ता है खाली : 2023 में अचानक आई बाढ़ के बाद स्वास्थ्य विभाग की हर वर्ष बारिश के दिनों में टेंशन बढ़ जाती है। यही कारण है कि जब-जब टांगरी नदी उफान पर आती है तो विभाग की तरफ से पहले ही गोदाम के ग्राउंड फ्लोर को खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। मौजूदा समय में भी ग्राउंड फ्लोर को खाली रखा गया है। सभी दवाओं को पहली व दूसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया है, जबकि कुछ दवाओं के स्टॉक को अस्पतालों में भेजा गया है।
दवाओं के आने के बाद वेयरहाउस में लैब में भेजे जाते हैं सैंपल : करोड़ों रुपये की दवाओं के स्टोरेज के लिए 2013 में किराये पर लिया गया यह वेयरहाउस दो मंजिला है। दूर-दराज से खरीदी गई दवाओं को विभाग इस वेयरहाउस में रखता है। जहां पर दवाओं के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है। रिपोर्ट ठीक आने के बाद ही यह दवाएं अंबाला, यमुनानगर व पंचकूला के अस्पतालों में भेजी जाती हैं।