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Ambala News: अस्पताल में समय से पहले डिलीवरी, रिकॉर्ड जब्त

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अस्पताल परिसर में खड़ी स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी, संवाद।
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अंबाला सिटी। मीरी पीरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। आरोप है कि शहर के बांसा वाला मोहल्ला निवासी पीड़ित महिला के पति साहिल का आरोप है कि डॉक्टरों ने उसकी पत्नी की 10 दिन पहले ही डिलीवरी करा दी। इस कारण उसकी तबीयत बिगड़ती गई। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल स्टाफ ने संभालने के बजाय शहर के ही एक बड़े निजी अस्पताल में रेफर कर दिया और जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया। हालांकि महिला की हालत अभी गंभीर है और शनिवार दोपहर डेढ़ बजे उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया है।
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उधर जैसे ही मामले में तूल पकड़ा तो स्वास्थ्य विभाग शुक्रवार रात को ही स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई और निजी अस्पताल में जाकर वहां का रिकार्ड खंगालते हुए कब्जे में ले लिया। इस टीम में स्वास्थ्य विभाग के एएमओ डॉ. सुखप्रीत सिंह और अन्य अधिकारी शामिल थे।
साहिल ने बताया कि उसकी पत्नी को डिलीवरी की तारीख एक फरवरी दी गई थी। बीती 24 जनवरी को महिला को चेकअप के लिए बुलाया था। इसी दौरान अस्पताल के डाॅक्टरों ने पत्नी को इंजेक्शन देकर उसकी डिलीवरी करा दी और महिला ने एक बेटी को जन्म दिया। साहिल ने कहा कि इसी दौरान डॉक्टरों ने उसकी पत्नी का ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन के बाद ही पत्नी की हालत गंभीर हो गई।
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25 जनवरी को ही महिला के शरीर से अत्यधिक खून का रिसाव होने लगा। इसी बीच खून की कमी के चलते अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे खून लाने के लिए भेजा। जब साहिल खून लेकर वापस आया तो उसे पता लगा कि डॉक्टर उसकी पत्नी को 25 जनवरी को दोपहर दो बजे एक अन्य बड़े निजी अस्पताल में ले गए हैं। जहां पहुंचने पर साहिल से लाखों रुपये मांगे गए। साहिल ने 80 हजार दे दिए लेकिन उसकी पत्नी की हालत में सुधार नहीं आया। साहिल ने अस्पताल प्रशासन पर रोष जताते हुए शुक्रवार को गृहमंत्री अनिल विज से मदद की गुहार लगाई। गृह मंत्री विज ने साहिल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वर्जन
परिजनों की शिकायत के बाद विभाग की ओर से टीम ने अस्पताल के रिकाॅर्ड को जांचते हुए अपने कब्जे में ले लिया है। रिकाॅर्ड में यदि किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है।
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-डॉ. सुखप्रीत सिंह, एएमओ, अंबाला।
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