नारायणगढ़। 24 वर्षीय प्रीतपाल सिंह के शव का पोस्टमार्टम उसके मामा के आने पर मंगलवार को हुआ। इसके बाद दादका और नानका परिवार में प्रीतपाल के संस्कार को लेकर गहमागहमी बनी रही। दोनों परिवार अदालत में पहुंच गए थे। इसके बाद आपसी सहमति पर मामा गुरबच्चन सिंह ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर नारायणगढ़ में चौथे दिन पुलिस कस्टडी में प्रीतपाल का संस्कार किया। वहीं नानका परिवार ने पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की।
प्रीतम कौर पत्नी अजीत सिंह निवासी जनसूई ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि प्रीतपाल सिंह के पिता सुखविंद्र सिंह मूल रूप से पंजोडी गांव के रहने वाले हैं। वह वार्ड 11 में एक कोठी बनाकर वहां अपने दो लड़कों व पत्नी के साथ रहता था। प्रीतपाल सिंह की माता की मौत के बाद सुखविंद्र सिंह ने दूसरी शादी कर ली। आरोप है कि सौतेली मां की नजर सुखविंद्र सिंह की जायदाद पर थी। इसको लेकर सौतेली मां बिंदर कौर, ताया सुखदेव सिंह और ताई रेनू प्रीतपाल सिंह को प्रताड़ित करते थे। इनसे तंग आकर 20 जुलाई को प्रीतपाल ने जहर निगल कर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले उसने वीडियो बनाकर मामा को भेजा था।
सोमवार को फ्रांस से पहुंचा था पिता
सोमवार को सुखविंद्र सिंह फ्रांस से आया और अपने रिश्तेदारों के साथ बेटे प्रीतपाल सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए थाना प्रभारी और डीएसपी से गुहार लगाई थी। इस पर पुलिस ने यही कहा कि मामा के आने पर पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस पर दादका परिवार ने शव का संस्कार करने के लिए एक अपील नारायणगढ़ अदालत में डाली। वहीं नानका परिवार ने भी शव का संस्कार के लिए अदालत पहुंचे। मंगलवार को गुजरात में सेना में तैनात मामा गुरबच्चन सिंह के आने पर प्रीतपाल सिंह के शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया गया। मंगलवार को दोनों पक्षों की अदालत में अपील थी, लेकिन दोनों ने सहमति जताते हुए प्रीतपाल के शव का नारायणगढ़ में संस्कार किया।
प्रीतपाल आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके मामा गुरबच्चन सिंह के आने पर शव का पोस्टमार्टम करवाया। शव के संस्कार के लिए अदालत दोनों तरफ के परिवार का केस लगा हुआ था। बाद में दोनों परिवार वालों ने आपसी सहमति जता कर एक कॉपी अदालत व पुलिस को दी। शव को पुलिस के साथ नारायणगढ़ वार्ड न.11 में लाया गया, जहां पर उसका संस्कार किया गया।
- अरविंद, थाना प्रभारी, नारायणगढ़