मुनि प्रतीक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए। प्रवक्ता
गुड़ बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मुनि प्रतीक सागर महाराज ने धर्मसभा को किया संबोधित
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। गुड़ बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में क्रांतिवीर मुनि प्रतीक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धा वह अनमोल शक्ति है जो पत्थर में भी भगवान के दर्शन करा देती है। उन्होंने कहा कि जैन कोई जाति नहीं बल्कि एक आचरण है, जो धर्म का पालन करता है, वही वास्तव में जैन है। मुनि श्री ने वैचारिक क्रांति का आह्वान करते हुए कहा कि जैन समाज का बच्चा नौकर बनने के लिए नहीं बल्कि मालिक बनने के लिए पैदा हुआ है।
उन्होंने अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएं लेकिन उन्हें नौकरी के बजाय व्यापार की ओर अग्रसर करें। सामाजिक समरसता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति नहीं बल्कि अहंकार लड़ते हैं। रावण और दुर्योधन इसके जीवंत उदाहरण हैं जिन्होंने अहंकार के कारण अपने कुल का विनाश होते देखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म की सच्ची प्रभावना हमारे शुद्ध आचरण से होती है न कि केवल प्रदर्शन से। मंगलवार शाम 6 बजे मंदिर परिसर में णमोकार मंत्र दीप आराधना महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें 108 परिवार सम्मिलित होंगे और कुल 3780 दीपों से संगीतमय महा-आराधना की जाएगी।
मुनि प्रतीक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए। प्रवक्ता