पानीपत। औद्योगिक नगरी में लोगों पर प्रदूषण व कोहरे की दोहरी मार हो रही है जिससे प्रतिदिन की ओपीडी में आधे से ज्यादा मरीज सिर्फ त्वचा रोग संबंधी और खांसी के पहुंच रहे हैं। शनिवार को दोपहर के समय आधा घंटा बिजली न होने से मरीजों को परेशानी हुई वहीं चिकित्सकों को पर्दे हटाकर थोड़ी रोशनी होने पर मरीजों की जांच कर दवा लिखी।
जिला आयुर्वेद विभाग में कोरोना के बाद मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। आयुष विभाग की ओपीडी में एक दिन में 70 से ज्यादा मरीज खांसी व त्वचा संबंधी बीमारियों के पहुंच रहे हैं। शनिवार को दोपहर करीब साढ़े बारह से एक बजे तक बिजली गुल रही जिससे मरीजों को परेशानी हुई। उन्हें अंधेरे में बैठकर इलाज व दवा लेनी पड़ी।
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सेक्टर-12 निवासी संतोष ने बताया कि वह पिछले एक साल से आयुष विभाग से गठिया की दवा ले रही हैं। शनिवार को वह अस्पताल पहुंची। अस्पताल में बिजली न होने से उसे अंधेरे में ही चिकित्सक से बीमारी दिखा दवा लेनी पड़ी।
चिकित्सक डॉ. जसबीर कादियान ने बताया कि अस्पताल में बदलते मौसम त्वचा संबंधी एलर्जी, सूखापन, लाल चकत्ते की समस्या ज्यादा आ रही है वहीं ओपीडी में कुल 20 से 25 मरीज ओपीडी के पहुंच रहे हैं। लोगों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य संबंधी अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा जरूरत होने पर ही घरों से बाहर निकलना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय भी सिर और मुंह को अच्छे से ढककर रखना चाहिए।