अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षदों का कार्यकाल केंद्र सरकार ने छह महीने और बढ़ा दिया है। अब फरवरी-2021 तक पार्षदों की मुहर चलती रहेगी। जनवरी-2020 में पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो गया था। अब कोरोना वायरस की वजह से यह कार्यकाल बढ़ाने की बात कही जा रही है। उधर कैंटोनमेंट बोर्ड के एक्ट में नई व्यवस्थाओं के साथ अब वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा। जबकि पहले पार्षद ही सहमति या फिर वोट के जरिए वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव करते थे। इस तरह अब सदन में वाइस प्रेसिडेंट समेत सदस्यों की संख्या नौ हो जाएगी।
तैयारी के बावजूद टल गए थे चुनाव
जनवरी-2020 में कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर से चुनाव के लिए ज्यादातर तैयारियां पूरी कर ली गई थी। वार्डबंदी के साथ वार्डों को आरक्षित करने की प्रक्रिया भी मुकम्मल हो चुकी थी। मगर ऐन मौके पर कुछ कानूनी अड़चनों के कारण बोर्ड के चुनाव छह महीने तक के लिए स्थगित कर दिए गए थे। दस अगस्त को छह महीने की मियाद खत्म होने वाली थी। एक्ट में भी पार्षदों का कार्यकाल दो बार में एक साल तक बढ़ाने की व्यवस्था है। अलबत्ता फरवरी 2021 के बाद अब किसी पार्षद का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा।
विकास में अहम होती है सदस्यों की भूमिका
सैन्य क्षेत्र के विकास में कैंटोनमेंट बोर्ड के सदस्यों अहम भूमिका रहती है। रक्षा मंत्रालय विकास के लिए करोड़ों रुपये भेजता है। लेकिन स्थानीय स्तर पर सैन्य क्षेत्र में विकास संबंधी परियोजनाएं इन बोर्ड सदस्यों का सदन ही बनाता है और सदन की सहमति से ही इन परियोजनाओं के प्रस्ताव पर हरी झंडी होती है और बजट जारी किया जाता है। अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड में है 8 निर्वाचित और 7 नामांकित (आर्मी अफसर) सदस्य हैं। जबकि बोर्ड का मुख्य अधिशासी अधिकारी बतौर सदस्य सचिव सदन में शामिल होता है। सदन की बैठक में विधायक और सांसद आमंत्रित सदस्य और जिले का भी एक अफसर इसमें नामांकित सदस्य होता है। यही सदन बोर्ड एरिया के विकास की योजनाओं पर मुहर लगाते हैं।
वाइस प्रेसिडेंट का अब जनता करेगी चुनाव
जिस तरह नगर निगम में सीधे मेयर का चुनाव होता है। अब कैंटोनमेंट बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट को भी सीधे जनता ही चुनेगी। पहले निर्वाचित सदस्य सहमति या फिर वोट से वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव करते थे। मगर कैंटोनमेंट बोर्ड के एक्ट में किए गए बदलावों के बाद यह व्यवस्था बनाई गई है। इस स्थिति से अब वाइस प्रेसिडेंट के चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐसे ही एक्ट में कई दूसरे बदलाव भी किए गए हैं जिनसे जनता को भारी राहत मिलने की बात कही जा रही है।
केंद्र सरकार का आभार जताया
प्रेसिडेंट अजय बवेजा, सुरिंद्र तिवारी, आशिमा , लक्ष्मी देवी, सन्नी, राजू बाली व नीलम रानी ने केंद्र सरकार का आभार जताया है। एक्ट में हुए बदलावों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज का भी आभार जताया। इस दौरान पार्षदों ने लड्डू बांटकर जश्न भी मनाया।
अब फरवरी-2021 तक पार्षद अपने पदों पर काम करते रहेंगे। बोर्ड की ओर से एक्ट में नए बदलाव किए हैं। अब वाइस प्रेसिडेंट का चुनाव भी जनता ही करेगी। कोरोना संकट की वजह से अभी चुनाव संभव नहीं है। शायद इसी वजह से कार्यकाल बढ़ाया गया है।
-अजय बवेजा, वाइस प्रेसिडेंट, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला