खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा कैंट थाने के औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों व अफसरों को बुरी तरह लताडने, थाने का गेट अपने समर्थकों से जबरन बंद करवाकर निरीक्षण करने और फिर मंत्री विज की इस बात का विरोध करने वाले एएसआई सतपाल सिंह को पुलिस प्रशासन द्वारा निलंबित करने के विरोध में हरियाणा प्रदेश पुलिस कर्मचारी एसोसिएशन संघ ने मंत्री विज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।संघ के पदाधिकारियों ने इस बाबत रात को थाने के बाहर एकत्रित होकर पहले तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और फिर अपनी मौन यात्रा की शुरूआत की। ये प्रदर्शन प्रदेशाध्यक्ष बलवान लांबा के नेतृत्व में किया गया। जबकि इस प्रदर्शन में फिलहाल प्रदेश कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारी प्रदेशाध्यक्ष बलवान लांबा, सतपाल शर्मा, गुरदेव सिंह सिसला, प्रदीप चौधरी समेत सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेशाध्यक्ष बलवान लांबा ने बताया कि ये केवल एक सांकेतिक आंदोलन है। जिसमें संघ के केवल पदाधिकारी ही अंबाला कैंट थाने के बाहर प्रदर्शन करके अपनी चंडीगढ़ तक मौन यात्रा शुरू करेंगे। उसके बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 25 में सरकार के खिलाफ तीन दिन का मौन धरना और भूखहड़ताल की जाएगी। लेकिन उसके बावजूद भी यदि हरियाणा सरकार ने संघ की मांगें पूरी न की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार संघ की मुख्य मांगों में सरकार द्वारा अनुचित तरीकों से थानों के निरीक्षण करना बंद करना पड़ेगा। यदि कोई मंत्री उचित ढंग से निरीक्षण करने आता है तो वे अपना व्यवहार पुलिस जवानों व अफसरों के प्रति ठीक रखे, मंत्री विज के निरीक्षण के तरीके का विरोध करने वाले एएसआई सतपाल के निलंबन को तुरंत वापस लिया जाए, पंजाब के समान पुलिस जवानों को वेतनमान का लाभ दिया जाए मुख्य रूप से शामिल है। जबकि इसके अलावा भी अन्य कई मांगें है, जिन्हे संघ ने हरियाणा सरकार को अवगत करवा दिया है। उसके बाद संघ के पदाधिकारी चंडीगढ़ तक अपनी मौन पद यात्रा की ओर रवाना हो गए।
उधर, मंत्री अपनी जगह अडिगदूसरी ओर, इस मुद्दे पर मंत्री अनिल विज पहले ही साफ कर चुके हैं, उनका निरीक्षण का तरीका कोई गलत नहीं था। कैंट थाने की पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली बहुत ज्यादा ढुलमुल थी, जिसकी रिपोर्ट वे डीजीपी को भेज चुके हैं। विज का कहना है कि अब एएसआई सतपाल को क्यों सस्पेंड किया गया है, वे इस बारे में क्या कह सकते हैं। उल्लेखनीय है कि कैंट थाने के निरीक्षण के बाद थाने के एएसआई सतपाल शर्मा ने मंत्री विज के खिलाफ आवाज बुलंद की थी, उनका कहना था कि इस तरह अपने समर्थकों से थाने के जबरन गेट बंद करवाकर पुलिस कर्मियों व अफसरों को लताड़ना नैतिकता नहीं है, मंत्री को ये शोभा नहीं देता। इस पर बात अंबाला के आला पुलिसकर्मियों ने तुरंत एएसआई सतपाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया था। जिसके बाद संघ ने अब मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रात को थाने के बाहर प्रदर्शन करने के बाद संघ के पदाधिकारियों ने अपने हाथों अनिल विज को तानाशाह बताने वाले फ्लैक्स बोर्ड हाथ में लिए और रात को ही चंडीगढ़ की ओर पैदल मार्च कर गए।