अंबाला। रिश्वत लेने के आरोप में फंसे पूर्व नायब तहसीलदार बोधराज को एक माह बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के चार दिन बाद पुलिस ने इस मामले आरोपी के खिलाफ शिकंजा कसा। अब आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि बोधराज पर कांग्रेसी नेता ओंकार नाथी से जमीन के इंतकाल के बदले रिश्वत मांगने के आरोप थे। इसमें से 1 लाख रुपये उन्होंने दे भी दिए थे, लेकिन अब आरोपी 5 लाख रुपये मांग रहा था। इसी कारण उन्होंने 5 जून को गृहमंत्री अनिल विज को इस मामले की शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई थी। सुनवाई नहीं होने पर वह दोबारा गृहमंत्री से मिले थे। इस पर विज ने तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। 14 जून को कैंट थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद 30 जून को पूर्व नायब तहसीलदार बोधराज सेवानिवृत्त हो गए थे। केस दर्ज होने से लेकर अब तक वह फरार चल रहे थे। इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि आरोपी को काबू कर लिया गया है और उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ओंकार नाथी को पूछताछ के लिए डीएसपी कार्यालय बुलाया गया
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने डीएसपी कार्यालय में ओंकार नाथी को बुलाया। यहां पर ओंकार नाथी अपने बयान पर अडिग रहे। हालांकि नायब तहसीलदार ने कहा कि सभी आरोप झूठे हैं और उसे फंसाया जा रहा है। इस पर नाथी ने कहा कि इनके खिलाफ तो खुद इनके विभागीय अधिकारी भी रिपोर्ट दे रहे हैं कि यह पहले भी अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री करवा चुके हैं। ओंकार ने डीएसपी को बताया कि उन्होंने 2 जून को इस मामले में विजिलेंस को भी शिकायत दी थी। यदि विजिलेंस कार्रवाई करती तो आज उन्हें न्याय के लिए इस तरह ठोकरें न खानी पड़ती। उन्होंने इस दौरान विजिलेंस को दी गई शिकायत भी डीएसपी कार्यालय में अधिकारियों को दिखा दी।