अंबाला। मोहड़ा में 33 एकड़ जमीन पर किसानों और आढ़तियों की सहूलियत के लिए बनाई गई अनाज मंडी की स्थिति खराब है। यहां पर कुल 153 दुकानों के प्लॉट हैं, जिसमें से 35 दुकानों के प्लॉट बिक चुके हैं। इन पर दुकानें भी बन चुकी हैं, मगर शेष रह गए 118 प्लॉट खाली पड़े हुए हैं। इन प्लॉटों में झाड़ियां उग चुकी हैं और इन्हें देखने वाला भी कोई नहीं है। झाड़ियों व कोई निर्माण न होने के कारण इलाका सुनसान दिखाई देता है। आलम यह है कि मंडी में महिला कर्मचारी डर के साये में काम करने को मजबूर हैं।
दरअसल, वर्ष 2016 में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से मोहड़ा में अनाज मंडी को बनाया गया था। तब उद्देश्य था कि आसपास के किसानों को अंबाला सिटी में फसल लेकर जाना पड़ता है। इस मंडी का संचालन तो शुरू हो गया, मगर आढ़तियों और किसानों का रुझान मंडी की तरफ नहीं बढ़ा। मंडी के अधिकारियों की मानें तो कई बार दुकानों के प्लॉटों के लिए ई-ऑक्शन जारी किया गया है। इसमें एक-एक प्लॉट की कीमत 68 से 70 लाख रुपये तय की गई थी, मगर इतनी बोली को देखते हुए कोई आढ़ती आया ही नहीं। ऐसा कई बार हुआ। यहां पर जो बूथ बने हैं, वह भी 40 लाख रुपये तक के हैं। उन्होंने बताया कि मोहड़ा स्थित नई अनाज मंडी में दुकानों के लिए 20 बाई 50 स्क्वेयर फीट के खाली प्लाॅट हैं, जिनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये है, जबकि बूथ के लिए 15 बाई 37.5 स्क्वेयर फीट प्लॉट की कीमत 39 लाख 62 हजार रुपये है। माना जा रहा है कि इन खाली प्लाटों की अधिक कीमत के कारण खरीदार नहीं आ रहे हैं।
पहले आनी थी सब्जी मंडी
मोहड़ा अनाज मंडी में पूर्व में यह तय किया गया था कि यहां पर चारा और सब्जी मंडी को भी लाया जाएगा। इसके कुछ समय बाद चारा मंडी तो आ गई, मगर सब्जी मंडी किसी कारण से नहीं आ सकी। यह सब्जी मंडी अभी तक अंबाला छावनी के बस स्टैंड के साथ चल रही है, जहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मौजूदा समय में सब्जी मंडी के लिए हुड्डा पार्क के साथ लगती जगह भी देखी गई है।
वर्जन
समय-समय पर इन खाली प्लाटों की बोली करवाई जाती है, तीन महीने पहले तक लगातार बोली करवाई गई थी। शायद कीमत ज्यादा होने के कारण खरीदार नहीं आ रहे हैं।
नीरज भारद्वाज, सचिव, मार्केट कमेटी, मोहड़ा अनाज मंडी