अंबाला। किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेतृत्व में शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन को 45 दिन हो गए हैं। इसके बाद भी किसान अभी तक मोर्चे पर डटे हुए हैं। वहीं 31 मार्च को अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में किसान शुभकरण की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। इसी के तहत वीरवार को किसान नेता नारायणगढ़ के रछेड़ी गांव में पहुंचे और किसानों को जागरूक कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और आरएएफ की टुकड़ी वहां पहुंच गई और उन्हाेंने किसानों को रोका। दोनों आमने-सामने आ गए हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हो गया। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस किसानों को हिरासत में लेने आई थी। अब शुक्रवार को किसानों की अस्थि कलश यात्रा नारायणगढ़, बराड़ा आदि क्षेत्र के 36 गांवों से होकर गुजरेगी। वहीं दूसरी तरफ किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि किसान आंदोलन को बदनाम करने की सोच से बुधवार रात्रि को शंभू बॉर्डर के पास जंगल में एक ट्रक बीयर उतार दी थी। मोर्चा ने प्रशासन को ऐसी हरकतों को लेकर चेतावनी दी है।
गर्मी को देखते हुए किसान बना रहे बांस की झोपड़ी
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान बांस की झोपड़ी बना रहे हैं। वह अपने आप को हर परिस्थिति के लिए तैयार बता रहे हैं। किसान मजदूर मोर्चा के नेता अमरजीत सिंह मोहड़ी के नेतृत्व में हरियाणा में शहीद हुए जवान शुभकरण सिंह की कलश यात्रा लगातार गांव में आगे बढ़ रही है। इस कलश यात्रा को हरियाणा के लोगों से बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। हर गांव से सैकड़ों लोग किसान शुभकरण को श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं।
किसान नेता को पेश होने के लिए थमाया नोटिस
वहीं गांव गरनाला के किसान मंजीत सिंह पुलिस के बुलाने पर पेश नहीं हुए तो उन्हें दोबारा से नोटिस देकर शुक्रवार को सुबह 10 बजे थाना सदर में तलब किया गया है। इसको लेकर उनके आवास पर पुलिस भी पहुंची थी। इस पर किसान नेता तेजवीर सिंह ने कहा कि सरकार 31 मार्च को अंबाला शाहपुर मोहडा अनाज मंडी में शहीद शुभकरण सिंह के होने वाले श्रद्धांजलि समागम से डर चुकी है और दमन कारी नीति अपना रहीं है। हम सब अपने नौजवान, किसानों, मजदूरों और महिलाओं के साथ श्रद्धांजलि समागम में शामिल होंगे।