यात्रियों को बारिश की बौछारों से बचाने के लिए प्लेटफार्म नंबर वन पर नई शेड लगाई गई, लेकिन शेड बदलते ही हालात बद से बदतर हो गए। पहले जहां कुछ जगह ही पानी का रिसाव होता था, वहीं अब लगभग 30 ऐसे प्वाइंट हैं, जहां पानी की बूंदे लगातार टपक रही हैं। लॉक डाउन के दौरान अंबाला मंडल ने पैडिंग कार्यों को करने के लिए एक लिस्ट बनाई। इसमें सबसे व्यस्त और प्रमुख प्लेटफार्म नंबर 1 का भी नंबर था। लगभग 2.25 करोड़ रुपए खर्च कर प्लेटफार्म 1 पर नया वाशेबल एप्रेन डाला गया और क्षतिग्रस्त हो चुके कोटा स्टोन को भी बदलने का कार्य शुरू किया गया। ठेकेदार ने भी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से काम खत्म कर दिया और बिल बनाकर संबंधित विभाग को सौंप दिए। लेकिन पहली बारिश में ही ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य की पोल खुल गई।
रिपेयर के बाद भी नहीं सुधरे हालात
मामला विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन्होने तुरंत संबंधित कार्य की पेमेंट रोककर ठेकेदार को दोबारा शीट्स दुरुस्त करने के आदेश दिए। ठेकेदार ने भी दो कारिंदों को भेजकर लीकेज की जगह को केमिक्लस से भरने की नाकाम कोशिश की, उसकी यह कोशिश भी उस समय धराशायी हो गई, जब रिपेयर किए गए स्थानों से दोबारा पानी का रिसाव होने लगा।
ठेकेदार को दी है चेतावनी
जिस ठेकेदार को काम दिया गया था, उसकी पेमेंट रोक दी गई है। उसे जल्द ही सभी प्वाइंट्स ठीक करने के आदेश दिए गए हैं, जब तक वह काम पूरा नहीं करता और समस्या दुरुस्त नहीं करता, तब तक उसकी पेमेंट नहीं की जाएगी।
बजरंग गोयल, सीनियर डीईएन-1 अंबाला डिवीजन।