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पालतू सूअर घूमते मिले, तो पशुपालक पर होगा जुर्माना 

Thu, 05 Jan 2017 12:39 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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यदि अब पालतू सुअर सड़कों पर घूमते दिखे तो पशुपालक पर दो हजार से चार हजार रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा। इसके अलावा एमसीए अब लावारिस कुत्तों की नसबंदी की योजना भी तैयार कर रहा है, जबकि दावा है कि 26 जनवरी तक नगर निगम अंबाला क्षेत्र को आवारा सूअर से मुक्त किया जाएगा। इसी को लेकर बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता डीसी प्रभजोत सिंह ने की। बैठक में एडीसी आरके सिंह, निगम आयुक्त सत्येंद्र दुहन, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, मोनिका गुप्ता, गिरीश कुमार तथा पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. प्रेम सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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निगम आयुक्त सतेंद्र दुहन ने बताया कि अंबाला शहर व सदर क्षेत्र में टीमें बनाकर सूअरों को पकड़ने का अभियान 10 जनवरी से आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी तक नगर निगम क्षेत्र को लावारिस सूअरों से मुक्त क्षेत्र बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पकड़े गए 40 किलो से कम सूअर मालिक से 2 हजार रुपये तथा 40 किलो से अधिक भार के सूअर मालिक से 5 हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। तीन दिन तक सूअर मालिक के न पहुंचने की स्थिति में पकड़े गए सूअरों को उन्हीं कर्मचारियों का नीलाम करने का अधिकार दे दिया जाएगा, जिन्होंने उन्हें पकड़ा है। 


बेसहारा दुधारू पशुओं को पकड़ा जाएगा
इसी तरह शहर में बेसहारा दुधारू पशुओं को पकड़ा जाएगा। इसके लिए निगम व पशुपालन विभाग के कर्मचारियों की टीमें बनाई जाएंगी। पकड़े गए पशुओं को टैग लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुधारू पशु को पकड़ कर गऊशाला में रखा जाएगा और यदि पशु का मालिक छुड़ाने आता है तो उसे 5100 रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा। इस जुर्माने का अधिकतर हिस्सा उस गोशाला को दिया जाएगा, जहां पकड़े गए दुधारू पशुओं को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे पशुओं के दोबारा पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि और अधिक बढ़ाई जाएगी। इसी तरह बेसहारा नंदी को पकड़ने का भी चलेगा अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए चंदपुरा गांव में नंदीशाला का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि लावारिस कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए उनकी नसबंदी करने पर पंचकूला और यमुनानगर नगर निगम की तर्ज पर कार्य योजना पर विचार किया जा रहा है और शीघ्र ही उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में विभिन्न गोशाला संचालकों से भी चर्चा की गई और कहा कि जो गोशालाएं बेसहारा दुधारू पशुओं को रखने में सहयोग देंगी, उन्हें शैड इत्यादि के निर्माण के लिए सरकार से अनुदान भी दिलवाया जाएगा।
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