40 साल के अमित शर्मा ने पत्नी और ससुरालियों से तंग आकर 25 अगस्त को जहरीली चीज निगल कर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे नागरिक अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया था। हालांकि सेहत में सुधार की बात कहकर चिकित्सकों ने अमित को अंबाला कैंट भेज दिया था। यहां सांस लेने में दिक्कत होने से चिकित्सकों ने अमित को एमएम मुलाना अस्पताल में रेफर कर दिया। यहां उपचार से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि पत्नी और ससुरालियों से तंग आकर ही अमित ने मौत को गले लगाया है। महेशनगर पुलिस ने ससुरालियों के खिलाफ दामाद को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
राणा कांप्लेक्स बब्याल के रहने वाले शिव कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कोऑपरेटिव बैंक जनसूई से रिटायर्ड है। उसका 40 वर्षीय बेटा अमित शर्मा शादीशुदा था। अमित के पास बेटा सिदार्थ शर्मा व बेटी दक्षिता है। दोनों की उम्र 20 व 16 साल है। शिव कुमार के अनुसार अमित पत्नी आरती शर्मा और बच्चों के साथ रामगढ़ माजरा में रहता था। घरेलू विवाद की वजह से कुछ रोज पहले ही आरती पति से झगड़कर बच्चों के साथ पटियाला चली गई थी। पहले भी दोनों कई बार झगड़ा कर चुके थे। परिवादी के मुताबिक झगड़े से परेशान होकर अमित शर्मा ने 25 अगस्त को फिर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। सूचना मिलते ही वे बेटे को नागरिक अस्पताल ले गए थे। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अमित को पीजीआई रेफर कर दिया था। शिव ने बताया कि सेहत में सुधार की बात कहकर चिकित्सकों ने 26 अगस्त को उसके बेटे को वापस अंबाला कैंट अस्पताल भेज दिया । 27 अगस्त को अमित को सांस लेने में दिक्कत आने लगी। तब चिकित्सकों ने उसे एमएम अस्पताल मुलाना में रेफर कर दिया। यहां उपचार से पहले ही अमित ने दम तोड़ दिया। शिव का आरोप है कि उसके बेटे की मौत के लिए सीधे तौर पर पुत्रवधू आरती शर्मा व उसके ससुराल वाले जिम्मेदार हैं। अमित ने खुद सुसाइड नोट में ये बात कही है। परिवादी के मुताबिक चिकित्सक ने खुद अमित की जेब से सुसाइड नोट निकाला था। जिसमें सिलसिलेवार आरोपों का जिक्र है।