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प्रिंस को गोद लेने की होड़ में कई परिवार, एक झलक पाने को तरस रही निगाहें

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गांव भेड़ों और बेरखेड़ी में चार दिन में नवजात बच्चों के लावारिस हालात में मिलने की दो घटनाएं सामने आने से इंसानियत शर्मसार हो चुकी है। वहीं चार दिनों से नागरिक अस्पताल में दाखिल भेड़ों गांव से मिले मासूम को बेशक नाम मिल गया लेकिन अभी माता-पिता नहीं मिले। हालांकि अब प्रिंस सबका दुलारा बन गया है। मासूम को स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ अपने जिगर के टुकड़े की तरह संभाल रहा है।
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चार दिन के प्रिंस को अब चमचे से दूध पिलाना शुरू किया गया है। इन सब के बीच मासूम को अब एक नहीं बल्कि कई माताओं का प्यार एसएनसीयू वार्ड में मिल रहा है। जिस किसी को भी मासूम प्रिंस के बारे में पता चल रहा है। वह एक झलक पाने के लिए वार्ड के बाहर पहुंच रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ इस बात की इजाजत किसी को भी नहीं दे रहे हैं। क्योंकि मासूम को संक्रमण से बचाना बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों द्वारा मासूम के स्वास्थ्य में सुधार होने की बात कही जा रही है। उधर प्रिंस को अपने घर का राजकुमार बनाने के लिए कई लोग दौड़धूप कर रहे हैं।
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गिरने लगा बच्चे का वजन
अब प्रिंस का वजन कम होने लगा है। बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार पहले 10 दिन बच्चे का वजन कम होता है। इसके बाद वजन बढ़ाता है। बच्चे का वजन अभी करीब 2 किलो 600 ग्राम है जबकि पहले दिन वह 2 किलो 800 ग्राम से ज्यादा का था।
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अभी बच्चे के माता-पिता नहीं मिल पाए। हमने भेड़ों गांव में पूछताछ कर ली है। गांव के सरपंच से भी बात हुई है। इस गांव में कोई भी गर्भवती महिला ऐसी नहीं थी जिसकी डिलीवरी इन दिनों होनी हो। फिर भी हम मामले की जांच में जुटे हैं।
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विरेंद्र वालिया, एसएचओ शहजादपुर।
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