सब्जी मंडी में सड़क पर लगी रेहड़ियां व जाम की स्थिति। संवाद
अंबाला। बाजारों में एक बार अतिक्रमण ने पैर पसार लिया है। दुकानदारों ने दुकानों के बाहर ही स्टाल सजा दिए हैं। रही-सही कसर रेहड़ी संचालक पूरी कर रहे हैं। यह दोहरी मार बाजार आने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही है। ऐसे में पैदल निकलना भी मुश्किल है। वहीं, प्रमुख बाजारों में खड़े वाहन भी लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। ऐसे में बाजार में हादसे के वक्त वहां तक एंबुलेंस और फायरब्रिगेड भी समय से नहीं पहुंच सकती। बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए नगर परिषद ने पूर्व में कई अभियान भी चलाए, बावजूद इसके समस्या का आजतक स्थाई समाधान नहीं हो पाया।
बहुउद्देशीय पार्किंग की सुविधा फेल
करीब 19 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से नगर परिषद क्षेत्र में बनाई गई बहुउद्देशीय पार्किंग भी बाजारों में खड़े वाहनों का समाधान नहीं कर पाई। अब हालात ऐसे हैं कि बाजार में दुकानों के बाहर स्टाॅल और स्टाॅल के बाहर खड़े वाहन प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान की पोल खोल रहे हैं। इसका खामियाजा बाजार आने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नगर परिषद की ओर से चलाए गए अभियानों और चेतावनी के बाद भी इसका असर दुकानदारों पर नजर नहीं आ रहा। जबकि वाहनों को बहुउद्देशीय पार्किंग में खड़ा करने के निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों की पालना कुछ ही दुकानदार कर रहे हैं जबकि अधिकांश अभी भी अपनी दुकानों के बाहर ही वाहन खड़ा कर रहे हैं।
त्योहारों के समय ही क्यों होती है कार्रवाई
सदर बाजार में खरीददारी करने आए गोपाल, कुसुम, प्रवीन, लखविंदर ने बताया कि त्योहार के दिनों में ही नगर परिषद कार्रवाई को लेकर बाजारों में उतरता है और इस दौरान भी बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी दखलअंदाजी करके मोहलत मांग लेते हैं। कुछ दिनों बाद फिर अतिक्रमण शुुरू हो जाता है और एसोसिएशन इस तरफ कोई ध्यान नहीं देती।
बाजारों में फैले अतिक्रमण को लेकर लगातार कार्रवाई की जाती है। फिर भी कुछ दुकानदार नियमों की अनदेखी करते हैं। बाजार में खड़े वाहनों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई की गई तो एसोसिएशन ने मोहलत मांगी। अब दोबारा से हालात बिगड़ने लगे हैं। इसलिए जल्द ही अभियान चलाकर सामान और वाहन जब्त किए जाएंगे।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।