अंबाला सिटी। जिला अंबाला में धान की उठान में सुस्ती के कारण किसानों को अपने भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई दिन पहले जिन किसानों का धान बिक चुका है। उठान नहीं होने कारण उनके खातों में भुगतान की रकम भी नहीं पहुंची है। बड़ी मंडियों की बजाय छोटी मंडियों में भुगतान की समस्या अधिक बनी है।
जिला अंबाला में अभी तक 37,81,073 क्विंटल धान की आवक हुई है। इसके साथ ही 1491000 क्विंटल धान की उठान हुई है। रोजाना सिर्फ तीन चार प्रतिशत आवक का ही उठान हो पा रहा है। उठान के आधार पर एजेंसियों को 345 करोड़ 91 लाख रुपये किसानों को देना हैं। इसमें से अभी तक किसानों को 308 करोड़ 23 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। अगर आवक के आधार पर देखें तो एजेंसियों को फिलहाल 771 करोड़ 10 लाख रुपये का भुगतान करना है। आवक के आधार पर किसानों का भुगतान 40 प्रतिशत ही है।
छोटी मंडियों में परेशानी बड़ी
जिला अंबाला में 14 मंडियों में धान की खरीद की जा रही है। उगाला, केसरी, सरदहेड़ी और शहजादपुर में अभी तक सबसे कम भुगतान हुआ है। वहीं चार मंडियों में हेफेड ने अभी तक भुगतान नहीं किया है। इसमें नन्यौला, उगाला, नारायणगढ़ और बेरखेड़ी शामिल हैं। अन्य मंडियों की अपेक्षा सबसे अधिक भुगतान अंबाला सिटी नई अनाज मंडी में किया है। अंबाला सिटी अनाज मंडी में 109 करोड़ में से 103 करोड़ 52 लाख का भुगतान कर दिया है। अभी तक हैफेड ने उठान का 81 प्रतिशत, फूड ने 96 प्रतिशत और एचडब्ल्यूसी ने 81 प्रतिशत ही भुगतान किया है।
सरदहेड़ी और केसरी में उठान सुस्त
जिले की सरदहेड़ी और केसरी अनाज मंडी में अभी तक 60113 क्विंटल व 81579 क्विंटल धान की आवक हुई है। इसमें से अभी तक एजेंसियों कोई उठान न के बराबर ही हो रहा है। ऐसे में इन मंडियों के लगभग 1800 किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिला अंबाला की मंडियों में अभी तक 3781073क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से अभी तक 1679172 क्विंटल धान की खरीद हुई है। जबकि सिर्फ 1491000 क्विंटल धान की उठान हो पाई है। जो कि सभी एजेंसियों का मिलाकर कुल 44 प्रतिशत ही बनता है।