पानीपत। कानूनगो और पटवारी दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर चले गए। पहले दिन काम ठप कर सेक्टर-18 स्थित पटवार भवन में धरने पर बैठ गए। हड़ताल के कारण पानीपत समेत जिले की पांचों तहसीलों में कामकाज प्रभावित रहा। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिलेभर में करीब एक हजार इंतकाल, 1500 जाति व आय प्रमाणपत्र और डोमोसाइल आवेदन अधर में लटक गए। वहीं जमीनों की पैमाइश और ई-गिरदावरी का काम भी पूरी तरह बंद रहा। रजिस्ट्री का काम करीब 10 प्रतिशत प्रभावित रहा। यूनियन ने इसके शुक्रवार को बंद होने का दावा किया है।
एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रवीण रावल ने कहा कि राजस्व विभाग ने बिना तैयारी के ढीला और त्रुटिपूर्ण सॉफ्टवेयर लागू कर दिया है। इसमें जमीनों के इंतकाल दर्ज करने की व्यवस्था का बुरा हाल हो गया है। पिछले दो महीनों से पोर्टल की खामियों के कारण कर्मचारी और आम जनता आपस में उलझ रहे हैं। उनकी मांग नहीं मानी जाती है तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। उप प्रधान विजेंद्र शर्मा और विकास रमन ने रोवर मशीन से निशानदेही कराने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे जिले के लिए एक ही स्थान से कोऑर्डिनेट सेट कर हर खसरा नंबर की पैमाइश करने से रकबे में भारी अंतर आएगा। बिना किसी तकनीकी सहायक, उपकरण और उचित ट्रेनिंग के कानूनगो पर यह काम थोपा जा रहा है। इस मौके पर सदर कानूनगो अशोक कुमार, नायब सदर कानूनगो राजेश छौक्कर, सर्व कर्मचारी संघ से संदीप पटवारी मौजूद रहे।
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रजिस्ट्री के लिए नई रिपोर्ट नहीं मिली
कानूनगो और पटवारी की हड़ताल के लिए रजिस्ट्री कराने के लिए नई रिपोर्ट नहीं बन पाई। वीरवार को रजिस्ट्री सामान्य दिनों से करीब 10 प्रतिशत कम हुई हैं। शुक्रवार को इसका प्रभाव देखा जा सकता है। इसके बाद शनिवार और रविवार का अवकाश आ जाएगा। पानीपत तहसील में सामान्य दिनों में 100 रजिस्ट्री हो जाती थी। पिछले दिनों साफ्टवेयर में कमी आने के चलते 80 से 90 पर आ गई थी। अब हड़ताल के चलते यह 70 से 80 के बीच रही। इसी तरह जिले की पांचों तहसील का कामकाज प्रभावित रहा। पिछले 20 दिन से इंतकाल रिवर्ट हो रहे हैं। अकेले बापौली तहसील में करीब 250 इंतकाल दोबारा किए गए हैं। हर तीसरा-चौथा इंतकाल गलत हो रहा है। इसमें क्रेता और विक्रेता के एक ही नाम दर्ज हो रहे हैं। सॉफ्टवेयर की गलती का खामियाजा पटवारी को भुगतना पड़ेगा।
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बिना सुविधाओं के पटवारियों पर थोपा गया कार्य
पटवारी भारत भूषण ने बताया कि केंद्र सरकार की डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) योजना पूरे देश में चल रही है। यह अन्य राज्यों में बाहरी एजेंसियों से कराया जा रहा है, लेकिन प्रदेश में इसे पटवारियों से कराया जा रहा है। इसके लिए लैपटॉप, टैब या अतिरिक्त संसाधन नहीं दिए हैं। इसके अलावा पटवारी को गिरदावरी के लिए प्रत्येक किले पर जाना होगा। पहले पूरे खेत की रिपोर्ट एक बार में ही की जाती थी। राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला सचिव दिलावर सिंह ने नवनियुक्त पटवारियों को कई महीनों से वेतन न मिलने पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपायुक्त से मिलने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
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इंतकाल कराने के काट रहा चक्कर
जाटल गांव के सुरेश कुमार ने बताया कि वह तीन दिन से जमीन का इंतकाल कराने के चक्कर काट रहा है। वह वीरवार को भी काम छोड़कर आया। यहां आकर पटवारी और कानूनगो की हड़ताल के बारे में पता चला। उनका पहले ही पोर्टल की खराबी से काम अटका था, अब हड़ताल ने चिंता बढ़ा दी है।
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सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में पिस रही जनता
विद्यानंद कॉलोनी की आरती देवी ने बताया कि उनको बेटे के दाखिले के लिए जाति और आय प्रमाणपत्र बनवाना है। दाखिले की अंतिम तिथि पास है। कार्यालय में रिपोर्ट नहीं बनाई जा रही है। सरकार और कर्मचारियों की लड़ाई में जनता पिस रही है।
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तारीख पर नहीं हुआ पैमाइश
खोतपुरा गांव के बलदेव सिंह ने कहा कि तीन महीने पहले खेत की पैमाइश का आवेदन दिया था। आज की तारीख मिली थी, लेकिन कानूनगो धरने पर हैं। बार-बार दूर से किराया लगाकर आना पड़ता है।
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रजिस्ट्री के बाद नहीं मिली इंतकाल की कॉपी
मॉडल टाउन के अनिल शर्मा ने उनके प्लाट की रजिस्ट्री हो गई है। अब इंतकाल की कॉपी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बैंक से लोन की फाइल रुक गई है। समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
वर्जन :
कर्मचारियों की हड़ताल से तहसील में राजस्व कार्य प्रभावित हुए हैं। उच्चाधिकारियों को स्थिति की रिपोर्ट भेज दी गई है। हड़ताल समाप्त होते ही लंबित इंतकाल और प्रमाणपत्रों के निपटारे को प्राथमिकता दी जाएगी।
मनोज, तहसीलदार, पानीपत।